यह की ताजा खबर (13 फरवरी 2026 को अपडेटेड) कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में HDFC बैंक (निजी बैंक) के एक वायरल विवाद से जुड़ी है, जो अब पुलिस जांच और समझौते की कगार पर है।
मुख्य घटना का सारांश (अब तक की पूरी कहानी):
- घटना की शुरुआत: 6 जनवरी 2026 को पनकी HDFC बैंक ब्रांच में दो महिला कर्मचारियों (आस्था सिंह – रिलेशनशिप मैनेजर, और ऋतु त्रिपाठी – पूर्व कैशियर/कर्मचारी) के बीच झगड़ा हुआ। यह झगड़ा ऋतु के इस्तीफा फाइनल करने के दौरान शुरू हुआ, जिसमें ऋतु के पति भी शामिल थे।
- वायरल वीडियो: 5-6 दिन पहले (लगभग 7-8 फरवरी 2026) सोशल मीडिया पर आस्था सिंह का एक 30-45 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ। इसमें आस्था गुस्से में दिख रही हैं, लैपटॉप उठाकर धमका रही हैं और कह रही हैं – “मैं ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी…” (जाति का हवाला देकर धमकी)। यह वीडियो जातिवादी टिप्पणी और अभद्रता के रूप में वायरल हुआ।
- दूसरा पक्ष का वीडियो: उसके बाद ऋतु त्रिपाठी का जवाबी वीडियो आया, जिसमें उन्होंने खुद को ब्राह्मण बताते हुए कहा कि आस्था ने उनके परिवार को गालियां दीं, इज्जत को ठेस पहुंचाई, और धमकियां दीं। ऋतु ने कहा कि वे पीड़ित हैं, परिवार को धमकियां मिल रही हैं (यहां तक कि पति को जान से मारने की धमकियां), और उन्होंने IGRS (जन सुनवाई पोर्टल) पर शिकायत की।
- आस्था का पक्ष: आस्था ने सफाई दी कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया। यह कोई कस्टमर से नहीं, बल्कि सहकर्मी (ऋतु) के पति से व्यक्तिगत विवाद था। उन्होंने दावा किया कि पहले उनकी जाति पूछी गई, बदतमीजी की गई, और वे प्रतिक्रिया में भड़कीं। आस्था ने पनकी थाने में ऋतु और उनके पति के खिलाफ तहरीर दी (धमकी, बदतमीजी, छवि खराब करने के आरोप)।
- ताजा अपडेट (13 फरवरी 2026):
- पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई (गुरुवार को ऋतु आईं)।
- ऋतु त्रिपाठी समझौते के लिए तैयार हैं – अगर आस्था माफी मांगें, तो वे शिकायत वापस ले लेंगी।
- आस्था सिंह एफआईआर पर अड़ी हैं – उनकी छवि धूमिल हुई है, अभद्रता हुई, इसलिए कार्रवाई चाहती हैं।
- पुलिस ने मुंबई (HDFC बैंक हेडक्वार्टर) से सीसीटीवी फुटेज मांगी है। 1-2 दिन में बैंक स्टाफ के बयान लिए जाएंगे। पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह के अनुसार, दोनों तरफ तहरीर आ चुकी हैं, और ऊपरी अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
- बैंक प्रबंधन ने मामले से पल्ला झाड़ा, कर्मचारियों को आना-जाना छोड़ने की बात आई है।
विवाद के मुख्य मुद्दे:
- जातिवादी टिप्पणियां (“ठाकुर हूं” vs “ब्राह्मण हूं”)।
- व्यक्तिगत/पारिवारिक बदतमीजी, धमकियां, और छवि खराब करना।
- वीडियो के संदर्भ को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे (एक कहती है पीड़ित, दूसरी कहती है प्रतिक्रिया)।
- सोशल मीडिया पर “ब्राह्मण vs ठाकुर” का रंग चढ़ गया, जिससे मामला और गरमा गया।
यह मामला अब कानूनी जांच में है, जहां सीसीटीवी फुटेज निर्णायक साबित हो सकती है। अगर फुटेज आ जाती है, तो साफ हो जाएगा कि झगड़े की शुरुआत किसने की और कौन ज्यादा आक्रामक था।

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