February 13, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

भूपेश को पुलिस न कर सकी गिरफ्तार, ले आया हाईकोर्ट से स्टे, एसीपी नौबस्ता ने लगाई चार्जशीट, सुनवाई आज

 कानपुर से जुड़ी है, जिसमें भाजपा नेता भूपेश अवस्थी (कर्मचारी नेता और अधिवक्ता) के खिलाफ 15 साल पुराने रंगदारी व डकैती मामले में महत्वपूर्ण अपडेट है।

मुख्य घटना का सारांश:

  • मामला: 31 जनवरी 2011 को साकेत नगर निवासी एक महिला होटल कारोबारी (प्रज्ञा त्रिवेदी के नाम से अन्य रिपोर्ट्स में जिक्र) ने जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप:
    • अधिवक्ता अखिलेश दुबे के इशारे पर भूपेश अवस्थी, उनके बेटे रोहित अवस्थी, अजय निगम और अनुज निगम ने होटल चलाने के नाम पर 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
    • विरोध पर डकैती डाली, कैश लूटा, मारपीट की।
  • पुरानी जांच: तत्कालीन विवेचक ने सिर्फ पौने 5 घंटे में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगा दी (क्लोज कर दिया)।
  • कोर्ट का हस्तक्षेप: बाद में कोर्ट के आदेश पर अग्रिम विवेचना (re-investigation) शुरू हुई। जांच में पुलिस ने महिला के सभी आरोप सही पाए और धाराएं बढ़ाईं।
  • चार्जशीट: जूही पुलिस (एसीपी नौबस्ता के नेतृत्व में) ने चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें शामिल धाराएं:
    • बलवा, हथियारों से लैस बलवा, जबरन वसूली, मौत का डर दिखाकर वसूली, झूठा आपराधिक आरोप, अश्लील सामग्री प्रचार, आपराधिक बल प्रयोग, षड़यंत्र आदि।
    • बढ़ाई गई धाराएं: स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, जानबूझकर अपमानित करना, आपराधिक धमकी, डकैती।
  • भूपेश की स्थिति:
    • जांच शुरू होने के बाद भूपेश और बेटा रोहित भूमिगत हो गए थे।
    • कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए।
    • पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
    • भूपेश ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की → हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल 2026 तक गिरफ्तारी पर स्टे (रोक) लगा दी।
  • आज की सुनवाई: 13 फरवरी 2026 को अपर जिला जज प्रथम की अदालत में भूपेश अवस्थी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही है। इसी मुकदमे में जेल में बंद अखिलेश दुबे की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी।

बैकग्राउंड (अन्य रिपोर्ट्स से):

यह मामला कानपुर के एक पुराने होटल (क्लासिक होटल) से जुड़ा है, जहां महिला पर मारपीट, चेन तोड़ना और लूट का आरोप था। भूपेश अवस्थी को अखिलेश दुबे (भूमाफिया/अधिवक्ता, जो जेल में है) का सहयोगी बताया जाता है। 2025 में यह मामला फिर गरमा गया था – भूपेश फरार थे, छापेमारी हुई, सरेंडर की अटकलें लगीं, और कई वीडियो वायरल हुए। अब चार्जशीट के साथ मामला कोर्ट में पहुंच गया है, जहां हाईकोर्ट का स्टे उन्हें अस्थायी राहत दे रहा है।

यह राजनीतिक-सामाजिक मामला है, जहां पुराने केस की दोबारा जांच और चार्जशीट से भाजपा नेता पर दबाव बढ़ा है। सुनवाई के बाद अपडेट आ सकता है – अगर अग्रिम जमानत मिल जाती है, तो वे बिना गिरफ्तारी के केस लड़ सकेंगे।