
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चल रही मतदाता मैपिंग की समीक्षा के लिए अब चुनाव आयोग ने अपने चार अफसरों को मैदान में उतार दिया है। वहीं, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बीएलओ को अतिरिक्त स्टाफ दें ताकि मैपिंग जल्द हो जाए। उधर, आयोग ने मैपिंग में सुस्ती दिखाने वाले बीएलओ को चेतावनी भी दी है।
जिलाधिकारी रोजाना की रिपोर्ट लेंगे
सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्री एसआईआर की रोजाना की रिपोर्ट लेंगे। जिन जगहों पर बीएलओ को दिक्कत आ रही है, वहां अतिरिक्त स्टाफ भी दिया जाएगा। सभी ईआरओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह अपने स्तर पर समीक्षा करेंगे।
लापरवाही की तो सीधे कार्रवाई
प्रदेश में वैसे तो अप्रैल में एसआईआर शुरू होना है लेकिन इससे पहले प्री एसआईआर के तहत जो मैपिंग हो जाएगी, उससे आसानी हो जाएगी। लिहाजा, चुनाव आयोग का जोर इस बात पर है कि पूरी चुस्ती के साथ मैपिंग का काम किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम पहले ही ये चेतावनी दे चुके हैं कि लापरवाही करने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि कुछ बीएलओ को चेतावनी दी गई है।