
ठेकेदार करा रहा इलाज
लाइनमैन सूरज ने पोल पर चढ़ने से पहले सेफ्टी बेल्ट और हाथ में दस्ताने भी पहने थे। नियमों के मुताबिक ठेकेदार उसका इलाज करा रहा है और उसे बीमे का भी लाभ दिया जाएगा।
करंट लगने पर 20 से 60 हजार तक मुआवजे का है प्रावधान
बिजली लाइनों पर काम करने के दौरान करंट लगने पर मुआवजे का प्रावधान है। इसमें 10 फीसदी से लेकर अधिकतम झुलसने पर 20 हजार से लेकर 60 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है। शटडाउन लेने की प्रक्रिया आसान नहीं है। इसके लिए कोड लेना पड़ता है और उसी कोड से यह वापस होता है। ऐसे में यूपीसीएल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
करंट से पूर्व में हुई घटनाएं
लाइन पर काम करते समय या अन्य कारणों से करंट लगने की जिले में कई घटनाएं हो चुकी हैं। 24 दिसंबर 2025 को गौलापार के सीतापुर में खेत में करंट फैलने से 57 वर्षीय किसान दयाकिशन की मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया गया। 26 अप्रैल 2023 को बरेली रोड पर हाइटेंशन लाइन पर काम कर रहा लाइनमैन राकेश भी झुलस गया था, वह भी ठेकेदार का कर्मी था। चार अक्तूबर 2020 को भी दमुवाढूंगा में एलटी लाइन पर काम कर रहा ठेका कर्मी अरविंद करंट की चपेट में आया और सड़क पर गिर गया था
लाइनमैन को करंट लगने का मामला संज्ञान में आया है। जेई से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। मामले की जांच उपखंड अधिकारी कमलुवागांजा को सौंपी है।
एसके गुप्ता, अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल
