
वैदिक ब्राह्मणों ने नौ गौरी और नौ दुर्गा के आह्वान मंत्रों के साथ हल्दी का विधिवत पूजन किया। मंदिर के महंत कौशल द्विवेदी के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों ने शंखध्वनि, घंटानाद और वैदिक ऋचाओं से हल्दी को अभिमंत्रित कर मंगलमय बनाया।
शाम को कौशल द्विवेदी के साथ अवनीश शुक्ला, संजय दुबे सहित महंत परिवार ने शोभायात्रा निकाली। यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर इस यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद मंगल मंडप सजाया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों, आम्र पल्लव और पारंपरिक सजावट से सुसज्जित कर हल्दी की रस्म शुरू हुई।
बनारसी वस्त्र, रत्नाभूषण और सिंदूरी आभा में सजीं गौरा
हल्दी के रस्म के साथ माता गौरा का शृंगार हुआ। मां को बनारसी वस्त्र, रत्नाभूषण, पुष्पमालाएं और सिंदूरी आभा से सुसज्जित कराया गया। मां के शृंगारित छवि के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रस्म निभाने के लिए काफी संख्या में भक्त पहुंचे थे।
