
काशी समेत पूरे देश में होली के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है। रंग-अबीर और मुखौटे से बाजार सज गए हैं। वहीं परदेशियों कि घर आने की होड़ में ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई है। वहीं कुछ जगहों पर होली किस दिन मनाई जाएगी इसे लेकर संशय है। ऐसे में आइए जानते हैं कि काशी में कब होली मनाई जाएगी।
भद्रा काल में किया जा सकता है होलिका दहन
होलिका दहन को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल ने बताया कि होलिका का दहन दो मार्च की आधी रात 3:24 बजे के बाद भद्रा काल में होलिका दहन किया जा सकता है। वहीं, यदि भद्रा पूर्ण समाप्त होने की प्रतीक्षा की जाए तो सुबह 5:33 बजे के बाद भद्रारहित काल में भी दहन संभव है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि तीन मार्च में प्रवेश कर जाएगी।
प्रो. शुक्ल ने कहा कि तीन मार्च को भद्रा के कारण होली में दिन में रंग नहीं खेला जा सकेगा। ग्रहण काल शुरू होने से रंग-गुलाल, जलपान आदि वर्जित रहेगा। चंद्रग्रहण शाम 6:47 बजे के बाद समाप्त होगा। ग्रहण समाप्ति और स्नान के बाद ही पुनः अबीर-गुलाल खेला जाएगा।
More Stories
गोंडा में पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर फायरिंग, गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर, मामला दर्ज
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में गौरा में समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन
पीलीभीत: मुकदमा दर्ज होने पर प्रधान ने जहर खाया, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत