February 27, 2026

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बीएचयू में पीने के पानी व पर्यावरण निगरानी के लिए खुले तीन हाईटेक लैब, यहां पढ़ें- पूरी जानकारी

BHU Three high-tech labs opened for drinking water and environmental monitoring in varanasi

बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने सीडीसी (सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर) में खाद्य पदार्थों, पीने के पानी और पर्यावरण निगरानी के लिए तीन हाईटेक लैब का उद्घाटन किया। ‘साथी’ (सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट) सेंटर के तहत इन अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना की गई है।

कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने स्थापित उपकरणों का निरीक्षण किया और लैब के वैज्ञानिकों व तकनीकी कर्मचारियों से संवाद भी किया। बताया गया कि यहां फोरेंसिक विश्लेषण, फार्मास्यूटिकल परीक्षण और खाद्य गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा। साथ ही, आकलन से जुड़ी बाह्य संस्थाओं के साथ साझेदारी कर इन सुविधाओं के उपयोग को बढ़ाया जाएगा।

ये हैं तीन नई लैब

  • ट्रिपल क्वाड्रूपोल लिक्विड मास स्पेक्ट्रोमीटर
  • आयन क्रोमैटोग्राफी सिस्टम
  • एचआर-आईसीपी-एमएस (हाई रेजोल्यूशन इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री)

वेस्ट की निगरानी सहित कई जांचें होंगी

ट्रिपल क्वाड्रूपोल लिक्विड मास स्पेक्ट्रोमीटर- खाद्य एवं कृषि उत्पादों में अवशेषों और प्रदूषकों की पहचान करेगा। इसके माध्यम से चिकित्सा संबंधी जांच, खाद्य सुरक्षा परीक्षण, पर्यावरण निगरानी और दवा निर्माण से जुड़े विश्लेषण भी किए जा सकेंगे।

आयन क्रोमैटोग्राफी (आईसी)- मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता की जांच, पीने के पानी की गुणवत्ता का मूल्यांकन, प्रदूषकों की पहचान, औद्योगिक अपशिष्ट (इंडस्ट्रियल वेस्ट) की निगरानी तथा खनन व कृषि प्रभावों का आकलन करेगा। यह बीआईएस, डब्ल्यूएचओ और ईपीए जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

एचआर-आईसीपी-एमएस- यह एक मैग्नेटिक सेक्टर डबल-फोकसिंग मास स्पेक्ट्रोमीटर है। इसके माध्यम से पदार्थ विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, भूविज्ञान और जैविक विज्ञान के क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान संभव होगा।