आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में एक मुस्लिम छात्र को दौड़ाकर पीटने के मामले में समझौता हो गया है। पीड़ित छात्र ने रविवार को वीडियो जारी कर मारपीट की घटना से इन्कार करते हुए इस मामले में कोई कार्रवाई न करने की बात कही है।
छात्र मोहम्मद सावेज ने बताया कि वह हॉस्टल में रहते हैं और विवि अंदर जा रहे थे। कुर्ता पहनने के कारण गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका था। गार्ड ने शोर मचाया तभी गेट पर मौजूद होली खेल रहे छात्र पीछे दौड़ पड़े। छात्र ने कहा कि होली खेलने को लेकर दूसरे छात्रों से उसका कोई विवाद नहीं हुआ।
विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ. नीरज शर्मा ने भी बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि छात्रों एवं यूनिवर्सिटी के गार्डों के साथ झगडा एवं कहासुनी हुई थी। इसी कारण भगदड़ जैसी वीडियो किसी ने वायरल कर दी थी। छात्रों एवं गार्डों में आपस में समझौता हो गया है। इसमें किसी प्रकार की कोई धार्मिक या व्यक्तिगत रंजिश का विवाद होना नहीं पाया गया है। यूनिवर्सिटी का आंतरिक मामला होने एवं दोनों पक्षों का समझौता हो जाने के कारण कोई भी पक्ष छात्र, गार्ड एवं यूनिवर्सिटी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
वहीं सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने बताया बताया कि इस मामले छात्र की ओर से किसी प्रकार की लिखित शिकायत नहीं मिली है। सीसीएसयू के छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के बीच समझौता कराया जाना एक सराहनीय फैसला है। यह मामला छात्रों का आपसी मामला था। इसे धार्मिक विवाद बता वायरल करना गलत है।
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