
राजधानी लखनऊ में होली पर हुड़दंग और लापरवाही लोगों पर भारी पड़ी। नशे की हालत में वाहन चलाने और आपसी झगड़ों के कारण करीब 400 लोग अस्पताल पहुंचे। सरकारी अस्पतालों में 300 से ज्यादा और निजी अस्पतालों में लगभग 100 घायलों का उपचार किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकांश सड़क हादसे शराब पीकर तेज रफ्तार वाहन चलाने के कारण हुए।
लोकबंधु अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, 24 घंटे में 487 मरीज आए, जिनमें से 60 सड़क हादसों में घायल थे और 37 को भर्ती करना पड़ा। लोहिया संस्थान में 246 मरीज पहुंचे। हड्डी रोग विभाग में 27 और सर्जरी में 75 मरीजों का इलाज हुआ। दो गंभीर मरीजों को आईसीयू में रखा गया है।
सिविल अस्पताल में 70 मरीज पहुंचे, जिनमें से 17 को भर्ती करना पड़ा। पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 74 घायल पहुंचे, जिनमें से 20 से अधिक मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, भाऊराव देवरस और राम सागर मिश्र अस्पताल में भी 75 से अधिक घायलों का इलाज किया गया।