बलिया। होली का त्योहार मनाकर कर्मभूमि (परदेस) लौटने वालों की भारी भीड़ के कारण रेल यात्रा किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रह गई है। दिल्ली, मुंबई और गुजरात जाने वाली ट्रेनों में अगले 15 दिनों तक पैर रखने की जगह नहीं है।
बिहार की ओर से आने वाली ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि कंफर्म टिकट वाले यात्री भी अपनी सीटों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बलिया से होकर गुजरने वाली सद्भावना, स्वतंत्रता सेनानी, राजधानी और दिल्ली स्पेशल जैसी प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। यही हाल मुंबई, पंजाब और राजस्थान जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का है। रेलवे द्वारा चलाई गईं स्पेशल ट्रेनें भी यात्रियों के सैलाब के आगे नाकाफी साबित हो रही हैं। शुक्रवार को स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में मुसाफिरों को फर्श पर बैठकर या शौचालय के पास खड़े होकर यात्रा करते देखा गया। भीड़ के कारण स्लीपर और एसी बोगियों की स्थिति भी जनरल कोच जैसी हो गई है। बिहार से आने वाली ट्रेनों में पहले से ही यात्री भरे होने के कारण बलिया के यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर गेट और पायदान पर लटककर सफर कर रहे हैं। तत्काल टिकट के लिए सुबह से लाइन में लगने के बाद भी ज्यादातर लोगों के हाथ निराशा ही लग रही है।
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