
यदि आपके बच्चे का वजन उसकी उम्र और कद के हिसाब से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों में मोटापा अब एक साइलेंट महामारी का रूप लेता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना इस समस्या से जुड़े 15 से 20 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खासतौर पर 10 से 16 वर्ष के बच्चों में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संवाद
मोटापे से बचाव के उपाय
-बच्चों को रोज़ाना कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि या खेल के लिए प्रेरित करें।
-जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक और पैक्ड फूड से दूरी बनाए रखें।
ट्रैफिक लाइट अप्रोच अपनाएं
रेड : जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड फूड जितना हो सके कम
यलो : मिठाई, खीर, तला-भुना सीमित मात्रा में
ग्रीन : फल, सब्जियां और प्राकृतिक जूस अधिक मात्रा में।
कई माता-पिता बच्चों का बढ़ता वजन सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उनके खान-पान और शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। – डॉ. रितु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ, एसटीएच
