March 7, 2026

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नन्हे शरीर पर बीमारी का बोझ बढ़ा रहा मोटापा, जंक फूड और मोबाइल बना कारण

Obesity is increasing the burden of disease on the little body in haldwani

 यदि आपके बच्चे का वजन उसकी उम्र और कद के हिसाब से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों में मोटापा अब एक साइलेंट महामारी का रूप लेता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना इस समस्या से जुड़े 15 से 20 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खासतौर पर 10 से 16 वर्ष के बच्चों में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संवाद

33एई से अधिक बीएमआई चिंताजनकडॉक्टर बताते हैं कि मोटापे का आकलन बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) से किया जाता है। यदि किसी बच्चे का बीएमआई 23 एई से अधिक है तो उसे ओवरवेट माना जाता है जबकि 27एई या उससे अधिक होने पर बच्चा मोटापे की श्रेणी में आता है। बीएमआई 33एई से अधिक होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और कई मामलों में सर्जरी तक की नौबत आ सकती है। मोटापे के कारण बच्चों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कमजोरी और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं जिससे समस्या और तेजी से बढ़ रही है

मोटापे से बचाव के उपाय

-बच्चों को रोज़ाना कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि या खेल के लिए प्रेरित करें।

-जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक और पैक्ड फूड से दूरी बनाए रखें।

ट्रैफिक लाइट अप्रोच अपनाएं

रेड : जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड फूड जितना हो सके कम

यलो : मिठाई, खीर, तला-भुना सीमित मात्रा में

ग्रीन : फल, सब्जियां और प्राकृतिक जूस अधिक मात्रा में।

कई माता-पिता बच्चों का बढ़ता वजन सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उनके खान-पान और शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। – डॉ. रितु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ, एसटीएच