
हल्द्वानी में जिला प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार से ऊंचापुल क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे और अवैध रूप से बनाए गए दो भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त के नेतृत्व में पहुंची जेसीबी दोनों भवनों पर गरजी। नगर निगम के कर्मचारियों ने ड्रिल मशीनों से भवन तोड़ना शुरू किया।
ये दोनों भवन कैलाश चंद्र कांडपाल व कृष्ण चंद्र कांडपाल और विपिन पांडे, मुन्नी पांडे व हेमा पांडे परिवारों के थे। दोनों भवनों के निर्माण सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की जमीन पर किए गए थे जिनकी लीज वर्ष 2008 में निरस्त हो चुकी थी। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के कारण इन परिवारों को पहले ही अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। बृहस्पतिवार को भी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मकान व दुकानें खाली करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार सुबह नगर निगम, राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने दो जेसीबी मशीनों के साथ ध्वस्तीकरण का काम शुरू किया।
ध्वस्तीकरण में लगेंगे कई दिन
ऊंचापुल चौराहे पर स्थित दोनों भवन दो मंजिले हैं। इनके भूतल में कई दुकानें हैं। दुकानदारों ने शुक्रवार तक दुकानें खाली नहीं की थी जबकि प्रथम तल में रहने वाले अधिकतर लोगों ने कमरे खाली कर दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि दोनों मकान काफी बड़े हैं लिहाजा इन्हें पूरी तरह ध्वस्त करने में कई दिन का समय लगेगा।
राहगीरों और यात्रियों को मिलेगी जाम से मुक्ति
ऊंचापुल चौराहे में सुबह-शाम खूब ट्रैफिक रहता है। इसके चलते यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण के बाद यह चौराहा चौड़ा हो जाएगा। इससे यहां जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
अवैध निर्माण पर जमकर हुई राजनीति
ऊंचापुल में जिस अवैध निर्माण पर शुक्रवार को पीला पंजा चलना शुरू हुआ उसे लेकर यहां शहर से लेकर गांव तक जमकर राजनीति भी होती रही है। ऊंचापुल का यह क्षेत्र कालाढूंगी विधानसभा में आता है। हिंदूवादी संगठन का एक नेता समय-समय पर क्षेत्र के विधायक पर अवैध निर्माण को बचाने का आरोप लगाता रहा। लगातार ऐसे वीडियो वायरल होने के बाद पिछले दिनों विधायक ने भी एक वीडियो जारी कर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने न तो किसी अतिक्रमणकारी को आश्रय दिया है और न ही किसी अवैध निर्माण को वह बचा रहे हैं।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़क और चौराहों का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटा लें। यदि लोग स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाएंगे तो प्रशासन अपने स्तर से अतिक्रमण हटवाएगा। – एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी
