
उधर, छात्रों ने अतिरिक्त प्रॉक्टर के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और किसी ने उन्हें धक्का नहीं दिया। एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र प्रशांत पंडित ने बताया कि वे केवल दो हजार रुपये की लेट फीस के फैसले का विरोध कर रहे थे।
एडिशनल प्रॉक्टर मो. अहमद ने कहा कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर जिम्मेदार छात्रों की पहचान की जाएगी। संबंधित छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और अनुशासनहीनता के मामले में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट बंद करने और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने को गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
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