स्वच्छ भारत मिशन योजना के लिए कूड़ेदान खरीदने में लाखों रुपये के घोटाले की आरोपी कुसमा सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने खारिज कर दी।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे गए कूड़ेदान में लाखों रुपये का घोटाला सामने आने पर जिला पंचायत राज विभाग द्वारा विजिलेंस जांच का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। जांच तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी हरदोई अनिल कुमार सिंह के खिलाफ हुई।
जांच में पता चला कि स्वच्छ भारत मिशन 2014 का प्रारंभ भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को किया गया था जिसके अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस व तरल अवशेषों के लिए ग्राम पंचायत द्वारा सार्वजनिक भवन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, हाट बाजारों व धार्मिक स्थलों पर कूड़े के लिए निर्धारित स्थल पर डस्टबिन की व्यवस्था करने को कहा गया था।
इस काम के लिए मेसर्स एसएससीओ मैनेजमेंट सर्विसेज विभूति खंड गोमती नगर लखनऊ को खरीद का काम सौंपा गया था। इसमें नीलकमल एवं सुप्रीम कंपनी के डस्टबिन खरीद में आरोपियों ने निर्धारित मानक से हटकर अधिक मूल्य पर कूड़ेदान खरीदा था और सरकार 5 लाख 87 हजार 163 रुपये का चूना लगाया था।

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