रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर), 22 दिसंबर 2025
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में विदेश में उच्च शिक्षा के नाम पर ठगी का गोरखधंधा जोरों पर है। दलाल युवाओं को कनाडा, इंग्लैंड जैसे देशों में स्टडी वीजा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लेते हैं। सबसे दर्दनाक मामला शक्तिफार्म निवासी राकेश कुमार (30) का है, जो स्टडी वीजा पर रूस गया था, लेकिन उसे पढ़ाई के बजाय जबरन युद्ध के मैदान में झोंक दिया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध में उसकी मौत हो गई और हाल ही में उसका शव गांव पहुंचा।
जिले में पिछले दो वर्षों में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के 40 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। पीड़ितों में ज्यादातर ग्रामीण परिवार हैं जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गाढ़ी कमाई लगा देते हैं, लेकिन दलालों के जाल में फंसकर सब कुछ गंवा बैठते हैं।
राकेश कुमार की ट्रेजिक मौत शक्तिफार्म के कुशमोठ गांव निवासी राकेश कुमार अगस्त 2025 में सेंट पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए स्टडी वीजा पर रूस गया था। परिवार का आरोप है कि वहां पहुंचते ही उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और जबरन रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध में भेज दिया गया। आखिरी बार 30 अगस्त को राकेश ने परिवार से बात की थी। दिसंबर में उसकी मौत की खबर आई और शव दिल्ली एयरपोर्ट होते हुए गांव पहुंचा। परिवार गहरे सदमे में है।
ठगी के प्रमुख मामले
- केस-1: गदरपुर के कुआंखेड़ा निवासी गीता रानी को कनाडा स्टडी वीजा के नाम पर 11 लाख रुपये ठगे गए। कई महीने बीतने के बाद भी वीजा नहीं मिला।
- केस-2: सितारगंज के पिपलिया निवासी गुरप्रीत सिंह और मनवीर सिंह को इंग्लैंड भेजने के बहाने रामपुर (उत्तर प्रदेश) के गुरमुख सिंह ने क्रमश: 17.80 लाख और 9.30 लाख रुपये लिए। कुछ रकम लौटाई गई, लेकिन 9.85 लाख अभी बाकी हैं।
- केस-3: गदरपुर के खुशालपुर सकैनिया निवासी बचन सिंह ने बेटे को इंग्लैंड भेजने के लिए बिलासपुर के दो दलालों को 7 लाख रुपये दिए, लेकिन न वीजा मिला न रकम वापस।
- केस-4: भमरौला निवासी कमल देव तिवारी के बेटे अभिषेक को कनाडा भेजने के नाम पर शिखा और गौरव नाम के दलालों ने 19 लाख रुपये ठगे। बदले में फर्जी दस्तावेज दिए गए।
पुलिस का एक्शन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा, “विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दर्ज मामलों की गहन जांच चल रही है। पीड़ितों को पैसा वापस दिलाने के साथ-साथ दलालों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।”
बढ़ता खतरा क्षेत्र में दलालों का नेटवर्क सक्रिय है जो सोशल मीडिया और लोकल एजेंट्स के जरिए युवाओं को फंसाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले आधिकारिक एजेंट्स और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच जरूरी है। रूस जैसे देशों में स्टडी वीजा पर जाने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वहां युद्ध की स्थिति में ऐसे धोखे आम हो रहे हैं।

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