वाराणसी।
सर्दी और घने कोहरे के बीच वाराणसी की सड़कें अंधेरे में डूब रही हैं। शहर के हर वार्ड में औसतन 20-25 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, जिससे रात में आवागमन जोखिम भरा हो गया है। नगर निगम को हर महीने करीब 2400 शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन समाधान की रफ्तार धीमी है। दिसंबर में ठंड बढ़ने से शिकायतें 2500 तक पहुंच जाती हैं।
शहर के 100 वार्डों में कुल हजारों स्ट्रीट लाइटें खराब होने का अनुमान है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से अंधेरे वाली सड़कों पर दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। कई प्रमुख मार्गों पर स्थिति गंभीर है:
- मुढ़ैला से बौलिया लहरतारा मार्ग: स्ट्रीट लाइटें बंद, कोहरे में खतरा अधिक।
- लहरतारा पुल: लाइटें नहीं जल रहीं।
- मलदहिया तिराहा: शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद लाइट बंद।
- सुंदरपुर-भिखारीपुर मार्ग: त्रिशूल नुमा लाइटें लगीं, लेकिन जल नहीं रहीं। 24 घंटे आवाजाही वाले इस मार्ग पर खतरा बना हुआ।
- चौबेपुर चौराहा: हाईमास्ट लाइट अक्टूबर से बंद, कस्बे में अंधेरा।
- अर्दली बाजार से महावीर मंदिर via लालपुर-आजमगढ़ मार्ग: पहले खंभों पर लाइटें थीं, पोल शिफ्टिंग के बाद गायब। अस्पतालों वाले इलाके में समस्या गंभीर।
नगर निगम के प्रभारी अधिकारी आलोक पीयूष नेहरा का कहना है कि शिकायत मिलते ही मरम्मत कराई जाती है। टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। आने वाले दिनों में स्ट्रीट लाइटों में बड़ा सुधार होगा। कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण जैसे सेफ्टी बेल्ट, इंडिकेटर आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
फिलहाल कोहरे और अंधेरे के दोहरे संकट से शहरवासी परेशान हैं।

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