February 26, 2026

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गोरखपुर: वाणिज्य कर कार्यालय भवन में भीषण आग, वर्षों पुराने रिकॉर्ड जलकर राख –

गोरखपुर

के तारामंडल स्थित वाणिज्य कर भवन में शुक्रवार देर रात (10 जनवरी 2026 की रात करीब 1 बजे) अचानक लगी भीषण आग ने भवन की पहली मंजिल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि कार्यालय में रखे वर्षों पुराने सरकारी रिकॉर्ड, टैक्स से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, अपीलीय फाइलें, फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक हो गए।

घटना का विवरण

  • घटना के समय कार्यालय बंद था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई – यह बड़ी गनीमत रही।
  • आसपास के लोगों और राहगीरों ने धुआं और लपटें देखकर तुरंत अग्निशमन विभाग और रामगढ़ताल थाना पुलिस को सूचना दी।
  • चार फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने लगभग 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
  • आग नीचे के तलों तक नहीं फैली, लेकिन पहली मंजिल का अधिकांश हिस्सा तबाह हो गया।

यहां आग लगने के दृश्य और दमकल कर्मियों की मशक्कत की कुछ तस्वीरें:

आग का कारण: शॉर्ट सर्किट या जानबूझकर लगाई गई?

  • प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है।
  • लेकिन विभागीय सूत्रों और पुलिस ने जानबूझकर आग लगाए जाने (साजिश) की आशंका से इनकार नहीं किया है।
  • डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर एडीएम सिटी की अगुवाई में 5 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसमें अग्निशमन, विद्युत और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
  • टीम आग के सटीक कारण, नुकसान का आकलन और फायर सेफ्टी में खामियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
  • मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष राय ने कहा: “शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।”

नुकसान और प्रभाव

  • अपीलीय दस्तावेज भी जल गए, लेकिन विभाग का दावा है कि व्यापारियों के पास जमा बांड और अन्य कागजात सुरक्षित हैं, इसलिए अपील प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
  • कई महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड और टैक्स दस्तावेज नष्ट हो गए। हालांकि, कुछ दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद होने से कामकाज पूरी तरह ठप नहीं होगा, लेकिन अस्थायी परेशानी जरूर होगी।

फायर सेफ्टी पर फिर सवाल

यह घटना सरकारी कार्यालयों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की पोल खोल रही है। विशेषज्ञों का कहना है:

  • पुराने भवनों में वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की नियमित जांच जरूरी।
  • फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

यहां पुराने सरकारी दफ्तरों में आग लगने की पुरानी घटनाओं की याद दिलाती तस्वीरें:

पुरानी घटनाओं से सबक नहीं लिया?

गोरखपुर में ही अप्रैल 2003 में आरटीओ दफ्तर में रात में आग लगी थी, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस के सारे रिकॉर्ड जल गए थे। तब डिजिटाइजेशन नहीं था, और बाद में फोटोकॉपी से नए डीएल जारी किए गए थे।

वर्तमान घटना एक बार फिर पुराने भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय हो पाएगी।