उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बड़ा राजनीतिक ड्रामा हुआ, जहां जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने रोक दिया। घटना 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को हुई, जब मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे।
घटना का विवरण:
- मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रामश्री महाविद्यालय में ABVP के युवा उद्घोष कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
- दोपहर करीब 3:30 बजे काफिला निकला तो कानपुर-सागर हाईवे के लिंक मार्ग पर विधायक बृजभूषण राजपूत ने 100 से ज्यादा ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ गाड़ियां पार्क कर काफिला रोक लिया।
- वजह: जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने से सड़कें खोदी गईं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं किया गया। कई गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा, तीन साल से समस्या बनी हुई है।
- समर्थकों ने नारे लगाए: “नेतागिरी नहीं चलेगी”। पुलिस और समर्थकों में नोकझोंक हुई, एक समर्थक ने इंस्पेक्टर से कहा—”आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या?”
- मंत्री ने गुस्से में ग्राम प्रधानों को धक्का दिया और आगे बढ़ने की कोशिश की। विधायक और मंत्री के बीच गाड़ी में भी बहस हुई।
- मंत्री ने कहा: “जहां शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। मैं खुद गांवों में जाऊंगा, 40 गांव भी कहोगे तो चेक करूंगा। अफसरों की लापरवाही मिली तो सस्पेंड कर दूंगा। सड़कें खोदी रहेंगी तब भी अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा।”
- विधायक को मंत्री ने अपनी गाड़ी में बिठाकर कलक्ट्रेट ले गए। वहां बैठक हुई, जहां 20 फरवरी तक समस्या सुलझाने का भरोसा दिया गया।
- शाम 4:30 बजे तक मामला शांत हुआ, मंत्री अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।
पृष्ठभूमि:
- बृजभूषण राजपूत (भाजपा): चरखारी से विधायक (2017 से लगातार जीत रहे), लोधी समाज के मजबूत चेहरा। पिता गंगाचरण राजपूत लोकसभा/राज्यसभा सांसद रह चुके। उमा भारती के करीबी माने जाते हैं। 2022 में सपा प्रत्याशी को 41 हजार+ वोटों से हराया।
- स्वतंत्र देव सिंह: यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, वर्तमान में जल शक्ति मंत्री। जल जीवन मिशन की जिम्मेदारी उनके पास है, जहां यूपी ने ग्रामीण टैप कनेक्शन में टॉप रैंक हासिल किया है।
- घटना के बाद सरकार ने बयान जारी किया: महोबा में जल जीवन मिशन के तहत 1131 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें से ज्यादातर ठीक हो चुकी हैं, बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। DM गजल भारद्वाज ने कहा—344 गांवों में काम पूरा, 3205 किमी पाइपलाइन बिछाई गई (टारगेट 3224 किमी)।
यह घटना भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करती है, जहां विधायक ने अपनी जनता की समस्या के लिए मंत्री (अपनी ही पार्टी के) का रास्ता रोका। वीडियो वायरल होने से मामला सुर्खियों में रहा। प्रशासन शुरू में लाचार नजर आया, लेकिन बाद में स्थिति संभाली गई। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में ऐसी शिकायतें विकास की चुनौतियां दिखाती हैं—समस्या जल्द सुलझे, यही उम्मीद!

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