February 8, 2026

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कोठियों और बड़े प्रतिष्ठानों से हाउस टैक्स वसूली की मौके पर होगी जांच, गृहकर के नाम पर चल रहा है खेल

UP: On-the-spot investigations will be conducted into house tax collection from mansions and large establishm

गृहकर निर्धारण के नाम पर चलने वाले खेल पर शासन स्तर से रोक लगाने की तैयारी है। यह देखा जाएगा कि हाउस टैक्स किस आधार पर वसूला जा रहा है। खासकर कोठियों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कराई जाएगी और पता लगाया जाएगा कि वास्तविक रूप से हाउस टैक्स का निर्धारण किया जा रहा है या नहीं। शासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि छोटे घर व दुकान वालों को तो टैक्स निर्धारण और वसूली के नाम पर परेशान किया जा रहा है, लेकिन बड़ों पर रहम कर दिया जाता है।

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बने मकानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से हाउस टैक्स की वसूली अनिवार्य है। जहां सीवर व पानी का कनेक्शन है उनसे हाउस टैक्स के साथ ही इन दोनों करों को लेने की अनिवार्यता है। इन तीनों करों का निर्धारण मकान और प्रतिष्ठान के क्षेत्रफल व निर्माण के आधार पर किया जाता है।शहर के प्रमुख स्थानों का सर्किल रेट अधिक है और बाहरी इलाकों का रेट कम है, लेकिन जो शिकायतें आ रही हैं उसमें बताया जा रहा है कि टैक्स निर्धारण में मनमानी की जा रही है।
कुछ बड़े घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने हिसाब से अधिकारियों काे सेट कर टैक्स का निर्धारण करा रहे हैं। निकाय के अधिकारी वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए छोटे लोगों को परेशान करते हैं। शासन स्तर पर हाल ही में हाउस टैक्स वसूली को लेकर बैठक हुई थी। हाउस टैक्स वसूली का लक्ष्य हर वित्तीय वर्ष तय किया जाता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष मार्च में समाप्त हो रहा है। स्थानीय निकाय निदेशालय निकायों से लगातार हाउस टैक्स वसूली की जानकारी निकायों से मांग रहा है, लेकिन मिल नहीं पा रहा है। हाल ही में हुई बैठक में हाउस टैक्स वसूली, इसकी चोरी रोकने और निकायों की आय बढ़ाने आदि को लेकर बैठक हुई। इसमें ही हाउस टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी की शिकायतों की चर्चा हुई। इसके आधार पर तय किया गया है कि नए वित्तीय वर्ष से नए मानक के साथ हाउस टैक्स की वसूली कराई जाएगी और चोरी रोकने के लिए औचक निरीक्षण अनिवार्य किया जाएगा।