अयोध्या: राम मंदिर पर ग्रेनेड से हमले की साजिश रचने के आरोपी संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान का शव बुधवार सुबह उसके पैतृक गांव मजनाई (मिल्कीपुर इलाका) पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया, परिजन चीख-पुकार करने लगे।
रविवार रात हरियाणा की फरीदाबाद नीमका जेल में बंद अब्दुल रहमान की उसके साथी कैदी अरुण चौधरी (उर्फ अबू) ने नुकीले हथियार से हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को उसके पिता अबू बकर और चाचा उस्मान शव लेने फरीदाबाद गए थे।
बुधवार सुबह करीब 7 बजे एम्बुलेंस से शव गांव पहुंचा। गांव के कब्रिस्तान में पहले से दफन की तैयारियां पूरी थीं। अंतिम दर्शन के बाद शव को रहबरे इस्लामिया मदरसे ले जाया गया, जहां इमाम अब्दुल मजीद ने जनाजे की नमाज पढ़ाई। इसके बाद जनाजा कब्रिस्तान पहुंचा और सुबह करीब 8 बजे शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अब्दुल रहमान (उम्र करीब 20 वर्ष) पर आरोप था कि वह राम मंदिर को बम/ग्रेनेड से उड़ाने की साजिश रच रहा था। मार्च 2025 में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ ग्रेनेड और डेटोनेटर बरामद हुए थे।
परिजनों का कहना है कि अब्दुल ई-रिक्शा चलाता था और पिता की चिकन दुकान संभालता था। परिवार सदमे में है, मां-परिवार वाले रो-रोकर बुरा हाल हैं।
यह घटना अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर रही है, जहां राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है।

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