
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध केशव चौधरी और डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गत दिनों वेव सिटी थाने में क्षेत्र की एक कंपनी से सरिया चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में कंपनी के स्टोर इंचार्ज श्रवण कुमार को तीन साथियों सहित गिरफ्तार किया गया था।
उनसे पूछताछ के आधार पर अब इशाकनगर डासना थाना मसूरी निवासी आफताब उर्फ अफजाल, ग्राम बादौली थाना अरनिया जिला बुलंदशहर निवासी शाहरुख, ग्राम लालपुर थाना धौलाना जिला हापुड़ निवासी नईम व वासिद को गिरफ्तार किया गया है। चारों आरोपी सोमवार रात मुखबिर की सूचना पर गाजियाबाद में मेरठ रोड पर पकड़े गए। उस वक्त चारों कार से कहीं जा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आफताब ने पूछताछ में गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर और उत्तराखंड के कई शहरों में सैकड़ों कुंतल सरिया चोरी करने की बात कबूल की है। आफताब के खिलाफ विभिन्न जिलों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उसका साथी राजकुमार उर्फ राजू अघाना व सरिया और ममेरा भाई रवि नागर उर्फ काना स्क्रैप माफिया हैं। शाहरुख, नईम व वासिद के खिलाफ भी एक-एक मुकदमा दर्ज है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध ने बताया कि गिरोह कंपनी से ट्रॉलों में सरिया लोड कर गोदाम तक ले जाने के दौरान धर्मकांटे में गुप्त रूप से चिप फिट कर देता था। चिप का रिमोट गिरोह के सदस्य के पास रहता था। रिमोट के जरिये 100 कुंतल सरिया का वजन 90 कुंतल या उससे कम दर्शाया जाता था। वजन पर्ची लेने के बाद रास्ते में 10 कुंतल सरिया निकालकर दूसरे ट्रक में लाद लिया जाता था। चोरी का माल अमरोहा और हरिद्वार में बेचा जाता था। एडीसीपी के अनुसार, बरामद रिमोट 10 से 20 मीटर की दूरी से वजन घटाने-बढ़ाने में सक्षम है।
बनाई करोड़ों की संपत्ति, की जाएगी जब्त
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध के अनुसार, आरोपी आफताब पहले 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर ट्रक चलाता था। चोरी के जरिये उसने मसूरी क्षेत्र में 60 गज जमीन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मकान बनवाया। उसके बाद मकान के बराबर में जमीन खरीदकर दूसरा मकान तैयार करा रहा है। सरिया ढुलाई के लिए पांच ट्रॉले भी खरीदे। पुलिस बैंक खातों और अचल संपत्तियों की जांच कर रही है। अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति जब्त की जाएगी।
