February 18, 2026

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जो लोग हिंदू धर्म में लौटें हमें उनका ख्याल रखना होगा, तेज होना चाहिए घर वापसी का काम

 लखनऊ दौरे के दौरान दिए गए बयानों का वर्णन है। उन्होंने निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में हिस्सा लिया, जहां विभिन्न धर्मों और संगठनों (सिख, बौद्ध, जैन, रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, आर्ट ऑफ लिविंग आदि) के प्रतिनिधि मौजूद थे।

मुख्य बिंदु उनके भाषण से:

  • हिंदू समाज पर खतरा नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी: उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना होगा। हिंदुओं की घटती जनसंख्या चिंता का विषय है।
  • घर वापसी (Ghar Wapsi) को तेज करने की अपील: मतांतरण (लालच या जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन) रोकने की बात की और घर वापसी के काम को तेज करने पर जोर दिया। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ख्याल रखना होगा (समर्थन और देखभाल)।
  • जनसंख्या पर सुझाव: हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, क्योंकि कम बच्चों वाला समाज भविष्य में समाप्त हो सकता है (वैज्ञानिकों का हवाला दिया)।
  • घुसपैठ पर: घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट (पहचानें, हटाएं और निर्वासित करें) करने की बात की। उन्हें रोजगार नहीं देना चाहिए।
  • जाति और सद्भाव: जातियां झगड़े का कारण नहीं बननी चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होना चाहिए। नीचे गिरे लोगों को ऊपर उठाना होगा। संघर्ष नहीं, समन्वय से आगे बढ़ना चाहिए।
  • महिलाओं पर: भारतीय नारी को अबला नहीं, असुर मर्दिनी मानना चाहिए। मातृशक्ति परिवार की आधार है।
  • कानून और यूजीसी गाइडलाइंस: कानून सभी को मानना चाहिए। अगर गलत है तो बदलने का तरीका है (संवैधानिक रूप से)।
  • विदेशी प्रभाव: अमेरिका-चीन जैसे देशों से कुछ ताकतें सद्भावना के खिलाफ साजिश रच रही हैं, सावधान रहें। एक-दूसरे पर अविश्वास दूर करें।

यह बयान विभिन्न मीडिया आउटलेट्स (जैसे जगरण, न्यूज18, एबीपी लाइव, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स आदि) में भी कवर किया गया है, जहां घर वापसी, तीन बच्चों की नीति और हिंदू एकता पर फोकस है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाने के प्रयास के रूप में देखा गया है, जबकि अन्य में जनसांख्यिकीय चिंताओं पर जोर दिया।