गोंडा। देवीपाटन मंडल की लाइफ लाइन माने जाने वाले संजय सेतु को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुल की जर्जर स्थिति और संभावित बंदी को देखते हुए परसपुर विकास मंच के पदाधिकारियों ने डीएम प्रियंका निरंजन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 1980 के दशक में बना घाघरा पुल अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है और इसकी मरम्मत प्रस्तावित है। बताया गया कि एनएचएआई ने मरम्मत के लिए पुल को दो माह से अधिक समय तक बंद करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुल बंद न करने की बात कही थी।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में एनएचएआई ने 15 फरवरी के बाद पीपे का पुल बनाने का आश्वासन दिया था, जिससे आवागमन सुचारू रह सके। लेकिन अब पीपे का पुल बनाने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पुल बंद होने से देवीपाटन मंडल के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और सैकड़ों किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। ऐसे में जनहित को देखते हुए मरम्मत के दौरान पीपे का पुल बनाना आवश्यक है। ज्ञापन देने वालों में एके सिंह, इंकलाब फाउंडेशन के अविनाश सिंह, केबी सिंह आदि मौजूद रहे।