
लखनऊ में ऑनलाइन गेम खेलने का लती सातवीं कक्षा का छात्र छह घंटे तक बेड के भीतर छिपा रहा। वह शुक्रवार सुबह स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ, लेकिन विद्यालय नहीं पहुंचा। काफी देर तक छात्र के वापस नहीं आने पर परिजन परेशान हो गए। खोजबीन भी की, लेकिन छात्र का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने राहत की सांस ली
परिजनों ने छात्र के मिलने की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने बताया कि छात्र को मोबाइल फोन पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत है। वह अक्सर देर रात तक मोबाइल पर गेम खेलता है। परिजन उसे कई बार समझा भी चुके हैं।
कई बार उसे डांट भी पड़ी है। परिजनों ने बताया कि छात्र पहले भी कई-कई घंटे तक घर से बाहर रहता था, लेकिन बाद में वह लौट आता था। इस बार अधिक समय तक छात्र के नजर न आने पर परिजन डर गए। दरोगा आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि अभिभावकों को बच्चों पर विशेष निगरानी रखने और संवाद बढ़ाने की सलाह दी गई है।
छात्र से पूछताछ में पता चला कि उसको मोबाइल गेम खेलना बहुत पसंद है। इसी के चलते वह अकेले में रहना ज्यादा पसंद करता है। शुक्रवार को वह अकेले रहना चाहता था इसलिए सबकी निगाह से बचकर वह बेड में बने बॉक्स में छुप गया था।
अभिभावक दें ध्यान
अभिभावक बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल फोन देने से बचें। यह भी देखते रहें कि बच्चा फोन का इस्तेमाल किस लिए कर रहा है। बीते वर्ष मोहनलालगंज इलाके में ऑनलाइन गेम की लत ने एक छात्र की जान ले ली थी। छात्र से कुछ लोगों ने गेम के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए थे। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का राजफाश किया था।

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