
कानपुर में खाद्य विभाग की टीम ने कल्याणपुर आवास विकास-3 और पनकी स्थित मकानों में चल रही नकली घी बनाने की दो फैक्ट्रियां पकड़ी हैं। टीम ने मौके से हजारों लीटर तैयार घी, ब्रांडेड नामों के रैपर, केमिकल और निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री बरामद की है। माल सीज कर नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि रिहायशी इलाकों में मिलावटी घी तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। खाद्य विभाग की दो टीमें शुक्रवार शाम छापेमारी करने पहुंच गईं। मौके पर चारों तरफ टिन के डब्बे और ड्रम में भरा घी और कच्चा माल मिला।
ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था नकली घी
यही नहीं अलग-अलग एक्स्ट्रा फ्रेश और कुकिंग मीडियम नाम के रैपर मिले। कोई कर्मचारियों सही जानकारी नहीं दे पाया। दोनों यूनिट के संचालक अमन गुप्ता से लाइसेंस मांगा तो आरोपी ने खुद को बीमार बताकर टीम से बातचीत किए बिना चला गया। अधिकारियों का मानना है कि नकली घी को ब्रांडेड पैकिंग में भरकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
एक ही संचालक, दो ठिकाने, जांच जारी
सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों स्थानों पर एक ही व्यक्ति फैक्टरी संचालित कर रहा था। एक टीम कल्याणपुर और दूसरी पनकी में जांच कर रही है। नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
होली से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को 13,972 लीटर खाद्य तेल पकड़ा। वहीं तिवारीपुर, जाजमऊ स्थित एक कचरी फैक्टरी से 1,350 किलो रंगीन कचरी बरामद की। अत्यधिक कृत्रिम रंग पाए जाने की आशंका पर नमूना लेकर पूरी खेप जब्त कर ली गई। दोनों के नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
टीम ने 18,15,110 रुपये का खाद्य तेल और 87,750 रुपये की कचरी पकड़ी है। अभियान में अब तक जब्त खाद्य पदार्थों का कुल अनुमानित मूल्य 19,02,860 बताया। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
