February 22, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

एक करोड़ के नगद लेनदेन से हड़कंप, सराफा कारोबारी और बुक डिपो संचालक आयकर के रडार पर

Meerut: rs1 Crore Cash Transaction in Meerut: Jeweller and Book Depot Owner Under Income Tax Scanner
एक करोड़ रुपये का नगद लेनदेन करने के मामले में शहर के बड़े सराफा कारोबारी रघुनंदन ज्वेलर्स और भगवान बुक डिपो के संचालक आयकर के रडार पर आ गए हैं। आयकर विभाग इन दोनों कारोबारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करेगा। आयकर विभाग के अधिकारी इस मामले में पुलिस से भी जानकारी जुटाएंगे, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। आयकर अधिनियम के अनुसार दो लाख रुपये से अधिक का नगद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसे में एक करोड़ रुपये के नगद आदान-प्रदान पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़े सराफा कारोबारियों में शुमार में आबूलेन स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स और सदर चौक बाजार में भगवान बुक डिपो के संचालकों ने एक करोड़ रुपये का नकद लेनदेन किया है। एक करोड़ रुपये नकद जिसने लिया और जिसने दिया, इससे जुड़े तत्थों की आयकर विभाग जानकारी जुटाने में लग गया है।
जानकारी मिली है कि आयकर अधिकारी सदर थाना पुलिस से भी इस मामले में पूछताछ करेंगे। आयकर विभाग मेरठ के कई अधिकारी शुक्रवार को आगरा में मिष्ठान कारोबारी के यहां छापामारी में व्यस्त रहे। शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण अब सोमवार को ज्वेलर्स और बुक डिपो संचालक के लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड खंगाले जा सकते हैं। आयकर विभाग के अफसरों के मुताबिक नोटिस जारी कर दोनों व्यापारियों से पूछताछ की जा जाएगी।

एक करोड़ रुपये की धनराशि बुक डिपो संचालक ने कहां से और कैसे जुटाई, इसका विवरण आयकर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा सराफा कारोबारी ने जो धनराशि ली, उसका कहां और किस मद में प्रयोग किया गया, इसकी जानकारी देनी होगी।

पुलिस की जांच में डायरी एंट्री की बात सामने आई है। बुक डिपो संचालक ने सराफा कारोबारी के पास पैसा जमा करने की बात कही है। ऐसे में आयकर विभाग यह भी जानकारी जुटाएगा कि किस तरह की डायरी एंट्री की जा रही थी।

दो लाख रुपये से अधिक नगद धनराशि के लेनदेन पर 100 प्रतिशत जुर्माना
सीए अनुपम शर्मा बताते हैं कि आयकर अधिनियम की धारा- 269 एसटी के तहत किसी भी व्यक्ति से एक दिन में एक ही लेनदेन में या एक ही इवेंट (आयोजन) से संबंधित लेनदेन के लिए दो लाख रुपये या उससे अधिक की नकद राशि प्राप्त करना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर धारा 271 डीए के तहत ली गई राशि के बराबर 100 प्रतिशत जुर्माना लग सकता है। यह नियम धनराशि प्राप्त करने वाले पर लगता है।