शुक्रवार दोपहर एनएच-34 पर इंचौली थाने के सामने दो बसें टकरा गईं। इस भीषण हादसे में करीब आधा दर्जन यात्री घायल हुए, जिनमें एक बुजुर्ग गंभीर रूप से जख्मी है। मौके पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने हटाकर यातायात सुचारू कराया।
खतौली डिपो की रोडवेज बस बिजनौर जा रही थी, जबकि पीछे चल रही प्राइवेट बस मवाना की ओर थी। इंचौली थाने के ठीक सामने कट पर अचानक एक वाहन आ गया। इसे देख रोडवेज बस चालक ने तुरंत ब्रेक लगा दिए। तभी पीछे से आ रही प्राइवेट बस का दायां हिस्सा रोडवेज बस से टकरा गया। गांव मसूरी निवासी 65 वर्षीय रमनपाल गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें पहले एप्सनोवा, फिर जसवंतराय अस्पताल ले जाया गया। इंचौली थाना प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एक बुजुर्ग ज्यादा घायल हुए। बाकी घायलों को मामूली उपचार के बाद भेज दिया गया। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने दोनों बस चालकों को हिरासत में लेने की जानकारी दी। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
एनएच-34 के निर्माण के समय इंचौली गांव में न तो फ्लाईओवर था और न ही कोई कट प्रस्तावित था। गांव के लोगों ने एनएचएआई अधिकारियों से अंडरपास की मांग की थी, जिसे मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि, गांव के व्यापारियों ने अंडरपास का विरोध किया, उनका तर्क था कि इससे ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पाएंगे। भारी विरोध के चलते अंडरपास रद कर दिया गया, जिसके कारण अब इस कट पर हर रोज हादसे हो रहे हैं। पिछले तीन सालों में यहां हुई दुर्घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
एनएच-34 पर सैनी गांव के पास एक अन्य घटना में 55 वर्षीय ऋृषिपाल शर्मा घायल हो गए। वे चलती प्राइवेट बस में चढ़ते समय पैर फिसलने से गिर गए थे। पुलिस के अनुसार, घायल ऋृषिपाल गांव कस्तला के निवासी हैं। उन्हें एप्सनोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।