लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को समर्पित कार्यक्रम में पंजाबी भाषा के उत्थान का संकल्प लिया गया। शनिवार को वीआईपी रोड पर स्थित महाराजा जस्सा सिंह सभागार में आजाद लेखक कवि सभा की ओर से इंजीनियर नरेंद्र सिंह मोंगा की अध्यक्षता में हुए आयोजन में ज्ञानी जगजीत सिंह जाचक, सुरिंदर कौर और ज्ञान सिंह धंजल ने कहा कि भाषा के अस्तित्व को बचाने के लिए संस्कृति का संरक्षण जरूरी है।
सरबजीत सिंह बख्शीश और त्रिलोक सिंह बहल ने संचालन किया। रविंदर कौर, मनमीत कौर, मनप्रीत कौर, वरिष्ठ रंगकर्मी रजनी के निर्देशन में विभिन्न ग्रुपों ने नाट्य मंचन की प्रस्तुतियां दीं। रूही कौर और हरलीन कौर ने पंजाबी गीतों की प्रस्तुति दी। हरगुन कौर ने भी गीत गायन और कविता पाठ किया।
डाॅ. मनिंदर सिंह सलूजा, डाॅ. एचएस पाहवा, डाॅ. अमरजोत सिंह, गुरुद्वारा आलमबाग के अध्यक्ष निर्मल सिंह, सिख यंगमेन्ज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष हरपाल सिंह गुलाटी, सिक्खी मेरी पहचान के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह, सिख सेवक जत्था के अध्यक्ष राजवंत सिंह बग्गा आदि मौजूद रहे।
समापन पर सभा की ओर से त्रिलोक सिंह बहल और गुरुद्वारा भाई लालो की ओर से ज्ञान सिंह धंजल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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