
यही वजह है कि सर्दियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि सुबह के समय तापमान सबसे कम होता है। ऐसे में हृदय रोगी सुबह की बजाय धूप निकलने के बाद या दोपहर के समय हल्की सैर करें। हृदय रोगियों को सुबह-शाम और रात के समय सर्दी से बचाव करने की जरूरत है। मामूली लापरवाही में लोग बीमार पड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों को गंभीर हालत में कानपुर या सैफई रेफर किया जा रहा है। रोजाना 20-25 मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित मरीजों को सर्दी का असर ज्यादा प्रभावित करता है। रोगी गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढक कर रखें, ठंडे पानी से नहाने से बचें और नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करते रहें।
औरैया। जाती हुई ठंड के साथ ही दोपहर में तेज धूप से पारा चढ़ रहा है। ऐसे में पेय पदार्थों की मांग बढ़ी है। रविवार को दोपहर के समय पारा 26 डिग्री के पार पहुंच गया। सड़कों पर आवागमन करते लोग छांव का सहारा लेते नजर आए।
शहर के कानपुर रोड किनारे कई रेहड़ी भी लगने लगी हैं। जहां गन्ने का जूस बनाया जा रहा है। 10 रुपये के भाव से यह ग्राहकों को गिलास में मिल रहा है। वहीं, फलों के जूस की मांग भी बढ़ी है। जूस कारोबारी राजेश गुप्ता ने बताया कि गन्ने के जूस को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। साथ ही अन्य फलों के जूस की मांग भी बढ़ गई है। (संवाद)
