
भारतीय गणित परिषद के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन ने छात्रों को स्वतंत्र सोच, प्रभावी अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का सशक्त मंच दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. मीना सहाय ने सीवी. रमन और श्रीनिवास रामानुजन की विरासत को याद करते हुए कहा कि आज के छात्र ही गणित का भविष्य हैं। प्रो. पंकज माथुर ने इसे छात्रों के लिए, छात्रों की ओर से और छात्रों का सम्मेलन बताया, जबकि प्रो. विवेक सहाय ने युवाओं को नवाचारी सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन में 15 छात्र-छात्राओं ने शोध प्रस्तुतियां दीं। मूल्यांकन के बाद पहले स्थान पर रहे प्रखर प्रत्युष, द्वितीय रहीं गार्गी पाठक और तीसरे स्थान पर रहे सुनंदा यादव व प्रांजल गुप्ता को सम्मानित किया गया।
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