लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। यहां संविदा पर 73 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने के बावजूद अंतिम तिथि तक केवल 50 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। अनुमान है कि वेतन में असमानता के कारण डॉक्टर संस्थान में नौकरी करने से कतरा रहे हैं।
कैंसर संस्थान की ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीज आते हैं। करीब 250 बेड पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। इस समय यहां केवल 27 नियमित डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इससे पहले, 94 नियमित डॉक्टरों की भर्ती के लिए साक्षात्कार हुए थे। इनमें से 21 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए, लेकिन केवल 12 ने ही जॉइन किया। इसे देखते हुए संस्थान ने संविदा के आधार पर डॉक्टरों की नियुक्ति करने का फैसला किया था। पद के हिसाब से आवेदन न आने पर अब संस्थान नए विकल्पों पर विचार कर रहा है
पीजीआई के बजाय सामान्य मेडिकल कॉलेज के बराबर है वेतन
संस्थान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान सुपर स्पेशियलिटी संस्थान है। इसीलिए यहां के डॉक्टरों को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) के बराबर वेतनमान दिया जा रहा था। बाद में शासन की ओर से यहां मेडिकल कॉलेज के बराबर वेतन देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद डॉक्टर संस्थान में नौकरी करने से बच रहे हैं।
शासन ने ठुकराया पीजीआई के समान वेतन का प्रस्ताव
संस्थान डॉक्टरों को पीजीआई के समान वेतनमान देने के लिए शासन को पत्र भेज चुका है, मगर शासन ने इस मांग को अनदेखा कर दिया। बीते दिनों हुई संस्थान की शासी निकाय की बैठक में भी इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया गया। इस वजह से यहां डॉक्टरों की भर्ती करने में कठिनाई आ रही है।