लखनऊ। भारतीय रेलवे अब ट्रेनों के सुरक्षित संचालन और प्रभावी मेंटेनेंस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का व्यापक स्तर पर उपयोग करेगा। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए मंगलवार को भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) ने कार्यशाला की। इसमें भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी भी शामिल हुईं।
आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी और एआई-सक्षम उपकरणों के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशिक्षण पद्धतियों को आधुनिक बनाया जा रहा है। सीबीसी की प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी ने जोर दिया कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम और कुशल सिविल सेवकों के निर्माण के लिए एआई का एकीकरण अनिवार्य है। उन्होंने सार्वजनिक सेवा प्रशिक्षण में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में आयोग की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों भी हुए। इन सत्रों के माध्यम से डिजिटल तत्परता, हाईब्रिड प्रशिक्षण मॉडल, संकाय क्षमता विकास और क्षमता निर्माण में एआई के उत्तरदायी उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। आईआरआईटीएम के अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने, भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच साबित हुई है।
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