रसड़ा। क्षेत्र के सुल्तानीपुर में आयोजित नौ दिवसीय नौ कुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के तीसरे दिन गंगा आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, हर-हर महादेव के जयघोष और दीपों की रोशनी से यज्ञस्थल भक्तिमय हो गया।
गंगा आरती के बाद कथा वाचिका गौरंगी गौरी ने कहा कि श्री रामचरितमानस के श्रवण मात्र से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है। कथा तो जगदीश की होती है मनुष्य की तो व्यथा होती है। इसलिए सारी बाधाओं को दूर करने के लिए रामचरितमानस का अध्ययन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस एक दुर्लभ ग्रंथ है।
इसके हर चौपाई एवं दोहे एक मंत्र हैं। प्रत्येक मंत्र की सिद्धि कर लेने से स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती है। रामचरितमानस का अध्ययन करना तो दूर राम कथा को सुन लेने मात्र से ही मनुष्य भवसागर को पार कर जाता है। मनुष्य को अभिमान नहीं करना चाहिए अभिमान मनुष्य को विनाश की तरफ ले जाता है। इस अवसर पर महायज्ञ के आयोजक गोविंद नारायण सिंह, अनिल सिंह, ऋषिराज सिंह रहे। संवाद
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