
जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब 1726 मरीज इलाज कराने ओपीडी में पहुंचे। सुबह 9 बजे तक 40 से अधिक पर्ची कट चुकी थी, धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने व दूसरा प्रिंटर खराब होने से पर्ची काटने में समय लगने लगने लगा। पर्ची काउंटर पर गहमागहमी बढ़ गई, सुरक्षाकर्मियों को भीड़ कंट्रोल करने में परेशानी उठानी पड़ी। भीड़ के कारण दोपहर एक बजे के बाद तक पर्ची मिलती रही। पर्ची मिलने में विलंब होने से मरीज को ओपीडी में चिकित्सक से दिखाने के साथ पैथोलाॅजी में खून जांच कराने में बिलंब होने से रिपोर्ट उसी दिन नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण दूसरे दिन जांच रिपोर्ट दिखाने अस्पताल आना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा बुजुर्गों व महिलाओं को हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को वापस लौटने में देर हो रहा है।
ऑनलाइन पर्ची का दबाव से बिगड़ी व्यवस्था
अस्पताल के पर्ची काउंटर पर तीन कंप्यूटर से पर्ची कटती है। एक कंप्यूटर व दो प्रिंटर खराब है, कर्मचारी किसी तरह दो प्रिंटर से पर्ची निकालते है। थोड़ी देर पर एक प्रिंटर खराब होने से एक ही प्रिंटर पर पूरा लोड आ जाता है। वर्षों पुराने प्रिंटर पर दो हजार मरीजों का लोड है। अस्पताल प्रशासन का दबाव मोबाइल एप पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद पर्ची काटने का है। इसके कारण मरीज व तीमारदार परेशान हो जा रहे है।
डीएम एमपी सिंह जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान पर्ची काउंटर पर भीड़ देख आफ लाइन काउंटर बढ़ाने का निर्देश सीएमएस को दिया था। एक सप्ताह बाद भी काउंटर नही बढा। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को ऑनलाइन पर्ची कटवाने में काफी फजीहत उठानी पड़ती है।
जिला अस्पताल में इलाज को आने वाले मरीज को रजिस्ट्रेशन के लिए स्मार्ट फोन से स्कैनर को स्कैन कर एप डाउन लोड करने के बाद मरीज का नाम, किस चिकित्सक से दिखाना है, पूरा डिटेल भरना होता है। रजिस्ट्रेशन होने के बाद ओटीपी मिलेगी, जिससे काउंटर पर बताने पर पर्ची मिलेगी। मरीज को समझ न आने पर वहां तीन कर्मचारी तैनात रहते जो मोबाइल में एप डाउन लोड करने के साथ रजिस्ट्रेशन करवाते हैं।
प्रिंटर मरम्मत करने वाली फर्म का पूर्व का बकाया का भुगतान समय पर न होने से प्रिंटर की मरम्मत करने वाली फर्म के द्वारा नहीं किया जा रहा है। मात्र एक से डेढ़ हजार रुपये का खर्च के कारण प्रिंटर मरम्मत नहीं हो रही है। नया प्रिंटर होने से काम तेज होता। कर्मचारी से लगाया मरीजों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
शासन के निर्देश पर मरीजों का आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए आफ लाइन पर्ची काउंटर अतिरिक्त बनाया गया है। एक प्रिंटर को मरम्मत का निर्देश दिया गया है। भीड़ होने पर चार काउंटर चालू किया जाता है। –डॉक्टर एसके यादव सीएमएस, जिला अस्पताल बलिया।
