
चित्रकूट जिले मे बहुचर्चित कोषागार घोटाले में मंगलवार को एसआईटी ने जिन पांच और पेंशनरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन सभी के खातों में 3.44 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर हुई थी। घोटाले का खुलासा होने पर पांचों आरोपियों ने यह रकम बैंक में वापस जमा कर दी थी, लेकिन जांच में संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
खाते में आई रकम को कर दिया था वापस
उन्हें लगा था कि रकम लौटाने के बाद मामला समाप्त हो जाएगा। एसआईटी प्रभारी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया, इन पांचों पेंशनर के नाम घोटाले में दर्ज थे और खुलासे के बाद से इनकी तलाश की जा रही थी। यह भी बताया कि इन्होंने जांच के दौरान ही खाते में आई रकम को वापस कर दिया था।
अक्तूबर माह में सामने आए था 43.13 करोड़ का घोटाला
कोषागार घोटाले का खुलासा अक्टूबर 2025 में हुआ था। जांच में कुल 97 पेंशनरों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद जांच में 25 बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। इसमें से नौ बिचौलिए, 30 पेंशनर और दो कर्मचारी पहले ही जेल जा चुके हैं। अब तक 30 पेंशनरों ने अपने खातों में पहुंची रकम लौटाई है, जिनके खाते में 10 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर नहीं हुए थे।
बड़ी रकम वाले 63 पेंशनरों की तलाश जारी
एसआईटी अभी उन पेंशनरों तक नहीं पहुंच पाई है, जिनके खातों में बड़ी रकम भेजी गई थी। ऐसे 63 पेंशनरों की तलाश जारी है। इन पेंशनरों के खातों में 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि ट्रांसफर हुई थी। जांच टीम इन सभी आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। घोटाले की पूरी जांच जारी है।