
कथित रंगदारी के मामले में कैंट थाना क्षेत्र स्थित मानसी अस्पताल के संचालक डॉ. पंकज दीक्षित ने पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया है। मरीज माफिया से कनेक्शन के सवाल पर डॉक्टर के पसीने छूट गए। पहले उन्होंने किसी तरह के संपर्क से इन्कार कर दिया। इसके बाद जब पुलिस ने सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) दिखाई तो घबरा गए।
पुलिस की जांच में दोनों पक्षों के बीच लेन-देन की बात भी सामने आई है। दरअसल, डॉ. पंकज दीक्षित ने 16 फरवरी को कैंट थाने में निजी अस्पताल के एक प्रबंधक पर रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया है। जांच के दौरान एक ऑडियो भी सामने आया, जिसमें डॉक्टर व कथित मरीज माफिया से बातचीत थी।
इस आधार पर पुलिस ने इसे आपसी लेन-देन का मामला बताया लेकिन दर्ज प्राथमिकी की जांच जारी है। डॉक्टर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके बाद उन्होंने कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
डॉ. दीक्षित ने अपने बयान में वायरल हो रहे ऑडियो को पुराना बताया। उनका कहना है कि ऑडियो उस समय का है जब वह आरोपी के साथ पहले काम कर चुके थे। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि दोनों के बीच पूर्व में पेशेवर संबंध रहे हैं लेकिन वर्तमान विवाद का कारण रंगदारी की मांग है। डॉक्टर के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ में काम भी कर चुके थे।
डॉ. दीक्षित ने अपने बयान में वायरल हो रहे ऑडियो को पुराना बताया। उनका कहना है कि ऑडियो उस समय का है जब वह आरोपी के साथ पहले काम कर चुके थे। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि दोनों के बीच पूर्व में पेशेवर संबंध रहे हैं लेकिन वर्तमान विवाद का कारण रंगदारी की मांग है। डॉक्टर के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ में काम भी कर चुके थे।
दोनों पक्षों में सामने आई लेन-देन की बात
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच में दोनों पक्षों के बीच लेनदेन की बात भी सामने आई है। इसी कारण डॉक्टर पहले बयान दर्ज कराने में हिचकिचा रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को गंभीरता से परखा जा रहा है। पुलिस वायरल ऑडियो की सत्यता की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बातचीत का संदर्भ क्या था और विवाद की असली वजह क्या है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच में दोनों पक्षों के बीच लेनदेन की बात भी सामने आई है। इसी कारण डॉक्टर पहले बयान दर्ज कराने में हिचकिचा रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को गंभीरता से परखा जा रहा है। पुलिस वायरल ऑडियो की सत्यता की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बातचीत का संदर्भ क्या था और विवाद की असली वजह क्या है।
बिहार से लाए जाते थे मरीज
सूत्रों ने बताया कि डॉ. पंकज अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान के एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे और इसके एवज में कमीशन भी दिया जाता था। हाल ही में बिट्टू खान ने उनके अस्पताल पर मरीज नहीं भेजकर सान्वी अस्पताल को प्राथमिकता दी।
सूत्रों ने बताया कि डॉ. पंकज अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान के एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे और इसके एवज में कमीशन भी दिया जाता था। हाल ही में बिट्टू खान ने उनके अस्पताल पर मरीज नहीं भेजकर सान्वी अस्पताल को प्राथमिकता दी।
इस पर डॉक्टर पंकज ने विरोध जताया और अस्पताल प्रबंधक अजय शर्मा से बातचीत की। पुलिस की जांच में पता चला कि यही व्यावसायिक विवाद रंगदारी और धमकी का कारण बन गया। राहुल शर्मा रामगढ़ताल क्षेत्र में अजय शर्मा की ओर से संचालित सान्वी अस्पताल में प्रबंधक हैं। डॉ. पंकज, राहुल और अजय का कई वर्षों से व्यावसायिक जान-पहचान रही है।
बिट्टू खान एंबुलेंस के माध्यम से मरीज लाने के एवज में रुपये देने और अस्पताल पर मरीज नहीं भेजे जाने को लेकर विवाद बढ़ा। डॉक्टर पंकज का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने बिट्टू खान को दिए गए रुपये और मरीज वितरण में हुए अन्य लेन-देन का हवाला दिया।
मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर का बयान दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर का बयान दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
