
गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर, सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के खुदकुशी के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा तेज कर दिया है। पुलिस का शिकंजा कसता देख लिपिक के बाद अब देवरिया बीएसए भी गायब गई हैं। गुलरिहा पुलिस दोनों की तलाश में दबिश दे रही है।
थाना प्रभारी इत्यानंद ने बताया कि सुसाइड नोट में शिक्षक ने स्पष्ट किया था कि उनके साथ दो अन्य सहायक अध्यापकों ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी ने भी बहाली के लिए 16-16 लाख रुपये दिए थे। आरोप था कि कृष्ण मोहन सिंह समेत अन्य शिक्षकों ने कर्ज लेकर रकम दी, इसके बावजूद भुगतान और सेवा बहाली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इससे क्षुब्ध होकर शिक्षक ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।
एसओ गुलरिहा इत्यानंद ने बताया कि मृतक शिक्षक ने दो किश्त में बाबू के जरिये बीएसए को 16 लाख रुपये दिए थे। ऐसे में बीएसए का बैंक स्टेटमेंट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल ट्रांजेक्शन भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की एक टीम उनके खाते खंगालने में जुटी है।
इसके साथ पुलिस ने बीएसए और बाबू का सीओजी और पर्सनल मोबाइल को भी कब्जे में लिया था। पुलिस दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। ताकि यह पता चल सके कि मृतक कब से उनके संपर्क में था। पुलिस अब मामले में सह शिक्षकों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है।
20 फरवरी को बीएसए कार्यालय में हुई मुलाकात की कड़ी।
कार्यालय के भीतर व बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज।
बीएसए, लिपिक और अन्य कर्मचारियों की अचानक गायब होना।
बैंक स्टेटमेंट, कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच।
मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। बीएसए और अन्य कर्मचारियों के ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही उनकी बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं: रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
