
रामनगर वन प्रभाग के तोलिया बीट में बुधवार की सुबह बाघ ने पनियाली की कमला देवी को निवाला बना लिया। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने देर शाम जमकर हंगामा किया। इसके बाद बृहस्पतिवार को महकमे की टीम पूरी तैयारी के साथ जंगल में उतर गई। घटनास्थल के पास ही एक पेड़ पर मचान बनाकर बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए रात आठ बजे चिकित्सक को बैठाया गया है।
12 फरवरी को गंगा देवी पर हुए बाघ के हमले को विभाग ने हल्के में लिया था। 13 दिन बाद जब बुधवार को बाघ ने पूर्व की जगह से महज दो किलोमीटर दूर कमला देवी को निवाला बनाया तो ग्रामीणों ने वन्यजीव को आदमखोर घोषित करने की मांग कर देर शाम तक हंगामा किया। ग्रामीणों के दबाव के बाद विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई। घटना स्थल के आसपास के एरिया को चिह्नित करते हुए दो जगह पर पिंजरा लगाया गया है।
इसके साथ ही घटना स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर सुरक्षित जगह तलाशते हुए वहां मचान बनाया। देर शाम को मचान को तैयार हो गया तो वहां विभागीय चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा को ट्रैंक्यूलाइज उपकरणों के साथ बैठा दिया है। उनके साथ वन विभाग टीम भी है। टीम पूरी रात बाघ के गतिविधि पर नजर रखेगी।