
विधि सिंह, लाडली सिंह ने खुशबू मिश्रा के साथ सजीव प्रदर्शन कर छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी। बताया कि यदि कोई हाथ पकड़ता है तो तुरंत घूमकर हाथों की उंगलियों से उसकी आंखों को निशाना बनाएं। यदि दूसरे हाथ में कुछ है तो उसी से वार करें।
यदि हाथ खाली है तो मुट्ठी बांधकर मुंह पर पंच मारें। तेज आवाज में शोर मचाएं। इससे शोहदा डरेगा और उसकी पकड़ कमजाेर होगी। हाथ छूटते ही उसको धक्का देकर गिराने का प्रयास करें। इतने में ही वह भाग जाएगा या भागने का पूरा प्रयास करेगा।
कोई पीछे से चोटी पकड़े तो उसको पैर से बैक किक या धक्का मारें। खुशी यादव और कोमल सेठ ने बताया कि कलाई पकड़ने या पीछे से शरीर को पकड़ने पर जोरदार झटका या कोहनी से हमला करना अधिक असरदार होता है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यदि कोई साधन नहीं है तो हर लड़की अपने बालों का क्लिप या कांटे का त्वरित इस्तेमाल कर सकती है। पलक सिंह और भूमिका सिंह व अन्य छात्राओं ने मंच पर ताइक्वांडों के कुछ दावं का प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य माता शंकर मिश्रा ने कहा कि महिलाएं यदि जागरूक हों तो वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। इस मौके पर कॉलेज के प्रबंधक आशीष सिंह, पुष्पा त्रिपाठी, काजल मिश्रा, सुस्मिता पांडेय व अन्य थे।
