March 6, 2026

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एक साल लॉक रहा ट्रिगर, चली तो 730 दिन में निकलीं 70 गोलियां; दो वर्षों में 58 मुठभेड़

Zero tolerance policy Trigger locked for one year 70 bullets fired in 730 days 58 encounters in two years

 अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही पुलिस के लिए एक साल ऐसा भी रहा जब पिस्तौल कमर से बाहर ही नहीं निकली और एक भी मुठभेड़ नहीं हुई। लेकिन इसके बाद कार्रवाई का पहिया तेजी से घूमा। अगले दो वर्षों में पुलिस ने 70 गोलियां दागीं और 115 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया। इनमें 35 ऐसे आरोपी हैं जिनके अपराध को देखते हुए जमानत नहीं मिल रही है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में एक भी एनकाउंटर नहीं हुआ था। इसके बाद 2024 और 2025 में मुठभेड़ों की संख्या बढ़कर 58 तक पहुंच गई। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में कई लंबे आपराधिक इतिहास वाले अपराधी, पेशेवर लुटेरे, शातिर चोर और अंतरराज्यीय गोतस्कर शामिल हैं।

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती वर्ष अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन बाद में अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। पुलिस की मुठभेड़ों में घायल हुए कई अपराधी अब चल तो सकते हैं, लेकिन दौड़ नहीं सकते। गंभीर आपराधिक इतिहास के चलते कई आरोपियों को अदालत से जमानत भी नहीं मिल पा रही है।

बीते वर्ष रामनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गोतस्कर को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जो पहले भी जेल जा चुका था और रिहा होने के बाद फिर उसी अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था। वर्तमान में जेल में बंद ऐसे अपराधी हैं जिनकी क्राइम हिस्ट्री देखकर जमानत नहीं मिल रही।

दो वर्षों में 58 मुठभेड़, काशी जोन रहा अव्वल
अपराधियों पर कार्रवाई में काशी जोन सबसे आगे रहा। औसतन हर महीने दो मुठभेड़ काशी जोन की पुलिस ने कीं। इस अवधि में काशी जोन ने 48 बदमाशों को गिरफ्तार किया। वरुणा जोन में 21 मुठभेड़ हुईं और 42 अपराधी पकड़े गए, जबकि गोमती जोन में सबसे कम 10 मुठभेड़ दर्ज की गईं और 15 बदमाश गिरफ्तार हुए।

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जा रही है। पशु तस्करी, चेन स्नेचिंग या लूट जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस ने की। दो वर्षों में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। – शिवहरी मीणा, एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर