
आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स से फिल्मी अंदाज में एक करोड़ के गहने ठगी के मामले में पुलिस ने हिसार के पंकज भारद्वाज, उसके साथी निशांत उर्फ राजा और बिहार के राजवीर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गहने ले जाने वाले को भी हिरासत में लिया है। मास्टरमाइंड पंकज भारद्वाज ने गिरोह के सदस्यों के साथ सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया था। पंकज ने ही कृष्णा के नाम से व्हाट्सएप कॉल कर ज्वेलर्स तन्मय को ज्वेलरी खरीदने का झांसा दिया। उसने ही भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा के साथी पुष्पेंद्र चौधरी की आरोपी राजवीर से बात कराकर एक करोड़ रुपये खाते में जमा कराने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि बताया कि तीन टीमें खुलासे के लिए गठित की गईं थीं। टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने इस मामले में दस से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इससे स्पष्ट हो गया था कि वारदात पूर्व में वाराणसी व अन्य शहरों में ठगी कर चुके पंकज भारद्वाज ने वारदात की है। पंकज वारदात के दिन मेरठ आया और इसके बाद लोकेशन बदल रहा था। अंतिम लोकेशन अजमेर में मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उसके दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि ज्वेलर्स के यहां से कृष्णा का कथित भतीजा बनकर गहने ले जाने वाले ने पुलिस को यह बताया कि पंकज ने उसे नहीं बताया था कि उसे एक करोड़ के गहने ले जाने हैं। उसे पार्सल लाने की बात कहकर भेजा था। पुलिस ने अभी कथित भतीजे का नाम उजागर नहीं किया है।
सटीक टाइमिंग से बनाया ठगी का शिकार
यह गिरोह ऐसे लोगों को तलाश रहा था, जो काले धन को सफेद कराने का प्रयास करता है। गिरफ्तार किए राजवीर ने भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा के साथी दबथुवा निवासी प्रॉपर्टी डीलर पुष्पेंद्र चौधरी से संपर्क साधा। पुष्पेंद्र चौधरी के साथ प्रवीण शर्मा प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते हैं। प्रवीण शर्मा का कहना था कि उन्हें एक बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। इसके लिए उन्हें खाते में रुपये जमा कराने थे।
यह गिरोह ऐसे लोगों को तलाश रहा था, जो काले धन को सफेद कराने का प्रयास करता है। गिरफ्तार किए राजवीर ने भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा के साथी दबथुवा निवासी प्रॉपर्टी डीलर पुष्पेंद्र चौधरी से संपर्क साधा। पुष्पेंद्र चौधरी के साथ प्रवीण शर्मा प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते हैं। प्रवीण शर्मा का कहना था कि उन्हें एक बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। इसके लिए उन्हें खाते में रुपये जमा कराने थे।
पुष्पेंद्र चौधरी ने प्रवीण शर्मा को बताया था कि वेस्ट बंगाल का एक ट्रांसपोर्टर एक करोड़ रुपये खाते में डलवा देगा। सचिन ने ही पुष्पेंद्र का राजवीर से परिचय कराया था। पंकज के कहने पर राजवीर पुष्पेंद्र से व्हाट्सएप से बात कर रहा था। राजवीर ने पुष्पेंद्र चौधरी को जानकारी दी कि प्रवीण शर्मा को एक करोड़ रुपये रघुनंदन ज्वेलर्स पर लेकर जाने हैं। इधर पंकज तन्मय को कॉल कर अपने भतीजे और रुपये लेकर साथी को भेजने का झांसा दे रहा था। सटीक टाइमिंग से गिरोह ने प्रवीण से एक करोड़ रुपये तन्मय को दिला दिए और उसका कथित भतीजा रुपये लेकर भाग गया। निशांत उर्फ राजा गहने खपाने व पंकज को मोबाइल, सिम आदि दिलाने में मदद कर रहा था।
आठ राज्यों में दी दबिश
एक करोड़ के गहने ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने यूपी, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, बिहार, वेस्ट बंगाल, मुंबई, राजस्थान आठ राज्यों में दबिश दी। पुलिस को जब भी आरोपियों की लोकेशन किसी प्रदेश में मिलती टीम हवाई जहाज से वहां पहुंच जाती लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देते रहे। अब गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले में शुक्रवार को पूरा खुलासा करेगी।
एक करोड़ के गहने ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने यूपी, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, बिहार, वेस्ट बंगाल, मुंबई, राजस्थान आठ राज्यों में दबिश दी। पुलिस को जब भी आरोपियों की लोकेशन किसी प्रदेश में मिलती टीम हवाई जहाज से वहां पहुंच जाती लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देते रहे। अब गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले में शुक्रवार को पूरा खुलासा करेगी।
वाराणसी से मेरठ तक फैला ठगी का जाल
इस गिरोह ने वाराणसी में वर्ष 2020 और 2022 में सोने की ठगी की थी। इनके खिलाफ वाराणसी के थाना चेतगंज में गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। गिरोह ने रेशम फर्म के मैनेजर को जीएसटी में छूट दिलाने के नाम पर 1.87 करोड़ रुपये ठगे थे। कानपुर, लखनऊ, इटावा में भी आरोपी ठगी कर चुके हैं। गिरोह ने सोने चांदी बिक्री का केंद्र माने जाने वाले वाराणसी के ठठेरी व चौक बाजार में भी ठगी की थी।
इस गिरोह ने वाराणसी में वर्ष 2020 और 2022 में सोने की ठगी की थी। इनके खिलाफ वाराणसी के थाना चेतगंज में गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। गिरोह ने रेशम फर्म के मैनेजर को जीएसटी में छूट दिलाने के नाम पर 1.87 करोड़ रुपये ठगे थे। कानपुर, लखनऊ, इटावा में भी आरोपी ठगी कर चुके हैं। गिरोह ने सोने चांदी बिक्री का केंद्र माने जाने वाले वाराणसी के ठठेरी व चौक बाजार में भी ठगी की थी।
इस गिरोह का अजमेर राजस्थान निवासी सचिन दत्त शर्मा, करोलबाग दिल्ली निवासी रोहन खींची तथा दिल्ली के मल्कागंज सब्जी मंडी निवासी तरुण गौतम भी पूर्व में वारदात कर चुके हैं। रघुनंदन ज्वेलर्स से ठगी में ट्रांसपोर्टर सचिन के संबंध में संदेह है कि वह कृष्णा तिवारी है। कृष्णा वारदात के दिन दिल्ली एयरपोर्ट से वेस्ट बंगाल गया था। अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। यह गिरोह दिल्ली में सक्रिय रहा है। इन्होंने वाराणसी से ठगे गए सोने को भी दिल्ली में खपाया गया था। रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ की सोना ठगी में जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए गए हैं वह भी दिल्ली की आईडी पर थे।
रुपये लेकर गहने पहचानने नहीं पहुंचे ज्वेलर्स
प्रवीण शर्मा के एक करोड़ रुपये अब तक ज्वेलर्स के पास हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ज्वेलर्स को गहने की पहचान और रुपये केस में दाखिल करने के लिए बुलाया लेकिन देर रात तक वह पहचान नहीं करने पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि कई बार बुलाने के बाद भी ज्वेलर्स नहीं पहुंचे। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पुलिस इस मामले की रिपोर्ट ईडी और जीएसटी विभाग को भेजने की तैयारी कर रही है। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि जल्द गहने पहचानने के लिए तन्मय को ले जाया जाएगा।
प्रवीण शर्मा के एक करोड़ रुपये अब तक ज्वेलर्स के पास हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ज्वेलर्स को गहने की पहचान और रुपये केस में दाखिल करने के लिए बुलाया लेकिन देर रात तक वह पहचान नहीं करने पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि कई बार बुलाने के बाद भी ज्वेलर्स नहीं पहुंचे। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पुलिस इस मामले की रिपोर्ट ईडी और जीएसटी विभाग को भेजने की तैयारी कर रही है। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि जल्द गहने पहचानने के लिए तन्मय को ले जाया जाएगा।
ऐसे हुई थी वारदात
18 फरवरी को सदर थाना क्षेत्र के आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के संचालक तन्मय अग्रवाल को कृष्णा नाम के शख्स ने दिल्ली का आभूषण कारोबारी बताकर कॉल किया। कृष्णा ने तन्मय को एक करोड़ के आभूषणों का ऑर्डर दिया था। कृष्णा नामक व्यक्ति ने अपने कथित भतीजे को भेजकर गहने पसंद कराए थे। इसी दौरान वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे। प्रवीण शर्मा ने अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये लेकर तन्मय को दिए थे। जैसे ही कथित भतीजा गहने लेकर निकला तो दोनों कारोबारियों के बीच विवाद शुरू हो गया था। तन्मय का कहना था कि उसने गहनों के बदले रुपये लिए जबकि प्रवीण शर्मा का कहना था कि उन्हें बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। वह अपने परिचित पुष्पेंद्र के कहने अपनी फर्म के खाते में रुपये जमा करने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर आया था।
18 फरवरी को सदर थाना क्षेत्र के आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के संचालक तन्मय अग्रवाल को कृष्णा नाम के शख्स ने दिल्ली का आभूषण कारोबारी बताकर कॉल किया। कृष्णा ने तन्मय को एक करोड़ के आभूषणों का ऑर्डर दिया था। कृष्णा नामक व्यक्ति ने अपने कथित भतीजे को भेजकर गहने पसंद कराए थे। इसी दौरान वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे। प्रवीण शर्मा ने अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये लेकर तन्मय को दिए थे। जैसे ही कथित भतीजा गहने लेकर निकला तो दोनों कारोबारियों के बीच विवाद शुरू हो गया था। तन्मय का कहना था कि उसने गहनों के बदले रुपये लिए जबकि प्रवीण शर्मा का कहना था कि उन्हें बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। वह अपने परिचित पुष्पेंद्र के कहने अपनी फर्म के खाते में रुपये जमा करने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर आया था।
ये बोले एसएसपी
आरोपियों की तलाश में टीम ने कई राज्यों में दबिश दी थी। आरोपियों के संपर्क में रहे कई लोगों से पूछताछ की गई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
– अविनाश पांडे, एसएसपी मेरठ
आरोपियों की तलाश में टीम ने कई राज्यों में दबिश दी थी। आरोपियों के संपर्क में रहे कई लोगों से पूछताछ की गई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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