सूर्योदय की पहली किरण के साथ मंदिरों में भगवान को तिलक लगाया गया। फिर रंगोत्सव का आगाज हो गया। गलियों, कॉलोनियों और मंदिरों में गुलाल उड़ने लगा तो गुजिया, मठरी और कांजी के पारंपरिक स्वाद ने त्योहार की मिठास और बढ़ा दी। औघड़नाथ मंदिर सहित दिल्ली रोड मंदिरों में महिलाएं नंगे पांव भगवान कृष्ण मंदिर में भगवान को रंग लगाने पहुंची और इसके बाद 7 बजे से उत्सव का शुभारंभ हुआ।
शहर में मोदीपुरम डिवाइडर रोड और आर्क सिटी में समिति द्वारा आयोजन किए गए। आर्क सिटी में पहली शादी होने के कारण सामूहिक रूप से खुशियां मनाई गई। आसपास के लोगों को भी आमंत्रित किया गया। जगन्नाथ पुरी संतोष वाटिका में समिति द्वारा होली का कार्यक्रम हुआ। सुशांत सिटी इरिश गार्डन वेलफेयर सोसायटी द्वारा भव्य आयोजन किया गया। कॉलोनी ने फूड स्टॉल भी लगाए। शिवाजी रोड पर आयोजित कार्यक्रम में लोकेश चंद्रा, डोली, मोनिका, यश, सजल, सृष्टि, तान्या रहीं। डिफेंस एक्लेव बी ब्लॉक में अध्यक्ष सुदेश राणा द्वारा आयोजन किया गया। विनोद यादव, मनोज राजपूत ने होली का सही महत्व बताया। उधर गंगानगर शिव मंदिर और डिवाइडर रोड की विभिन्न आठ कॉलोनियों में सामूहिक आयोजन हुए।
जागृति विहार में बच्चे, युवाओं और बुजुर्गों ने रंगों की बौछार के साथ होली का आनंद लिया। मार्ग से निकलने वाले किसी को भी नहीं छोड़ा गया। सेक्टर दो में महिलाओं ने भी समूह बनाकर फाग गाते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाया और त्योहार की खुशियां साझा की।
पुराने शहर में होली मोहल्ला सहित सभी स्थानों पर परंपरा अनुसार अनुसार होली हुई। शहर में रंग गुलाल की दुकानें पहली बार सुबह 11 बजे तक खुली रहीं। हर कॉलानी में युवाओं ने डीजे पर डांस किया। गंगानगर, दिल्ली रोड, फूलबाग कॉलोनी, सूरजकुंड पर दोपहर 4 बजे तक रंग उत्सव की धूम रही। कई वर्ष बाद शहर में होली पर छुटपुट घटनाएं हुई लेकिन शहर में शांतिपूर्ण होली मनाया गया।
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