March 6, 2026

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अब 50 दिन से भी कम समय शेष, 6500 पुलिसकर्मी होंगे तैनात, 10-10 किलोमीटर में बंटेंगे सेक्टर

Chardham Yatra 6500 policemen will be deployed sectors will be divided into 10-10 kilometer areas

चारधाम यात्रा शुरू होने में 50 दिन से भी कम समय बचा है। शासन-प्रशासन स्तर पर इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यात्रा मार्ग में 6500 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पूरे मार्ग को 10-10 किलोमीटर के सेक्टर में बांटा जाएगा

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं हैं। उसी आधार पर आगे की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। आईजी गढ़वाल ने बताया कि अप्रैल में शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक भी हुई है। सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है

सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए गए
पुलिस चप्पे-चप्पे पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए बारीकी से योजना बना रही है। पिछले वर्षों की यात्राओं के अनुभवों को शामिल करते हुए छोटे से छोटे हर बिंदु पर काम किया जा रहा है। बाकी विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि 31 मार्च तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की समयसीमा तय की गई है। सभी विभागों को इसी हिसाब से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।पंजीकरण करवाकर चारधाम यात्रा में आने वाले लोगों को उनके मोबाइल नंबर पर संदेश के जरिये रूट डायवर्जन और खराब मौसम की जानकारी दी जाएगी। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि पिछले साल भी इस तरह की व्यवस्था की गई थी जो कारगर रही थी। इसलिए इस साल भी लोगों को पहले ही संदेश भेज दिए जाएंगे ताकि वो अपनी यात्रा उसी हिसाब से प्लान करें। सभी धामों में सुरक्षा व्यवस्था बनाने और भीड़ के सही अनुमान के लिए सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए गए हैं।

भीड़ नियंत्रण का अलग प्लान

राजीव स्वरूप ने बताया कि आगामी यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। इसलिए भीड़ नियंत्रण के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जा रही है। हर जिले में भीड़ नियंत्रण का अलग-अलग प्लान होगा। जिला पुलिस उस पर काम करेगी। पहाड़ों में भीड़ बढ़ने पर बाहर से आने वाले यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर रोका जाएगा। यहां उनके रुकने, खाने आदि की व्यवस्थाएं रहेंगी। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए एसओपी तैयार की गई है। सभी धामों की क्षमता और लोगों की मौजूदगी के संदर्भ में वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। उसी हिसाब से यात्रा का संचालन और रजिस्ट्रेशन किया जाता है। भीड़ ज्यादा बढ़ने पर यात्रा रोकने और डायवर्ट करने की भी योजनाएं बनाई गई हैं।

भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

पुलिस विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार की है। पिछले साल 58 भूस्खलन क्षेत्र चिह्नित किए गए थे। पिछले साल आई आपदा के बाद कुछ नए क्षेत्र भी ऐसे चिह्नित हुए हैं जो अब भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इन सभी स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही इन स्थानों जेसीबी तैनात रहेंगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, एनएच और बीआरओ की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इन विभागों के कर्मचारी भी संवेदनशील स्थानों की लगातार उनकी निगरानी करेंगे।

काम की बातें

– इस बार प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। जिससे यात्री मोबाइल पर ही स्थान की जानकारी पा सकें।

– ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यात्रियों को मोबाइल पर अलर्ट भेजा जाएगा।

– पर्यटकों के वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य होगा।