
नमाज के बाद मस्जिदों में युद्ध के खात्मे के लिए खास दुआ की गई। अमन-शांति के लिए भी विशेष प्रार्थनाएं की गईं। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि यह विरोध जारी रहेगा। शांतिपूर्ण जलसे भी भविष्य में होते रहेंगे। इस प्रदर्शन में शिया मुस्लिमों के साथ कुछ हिंदू समाज के लोग भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया को युद्ध की ओर धकेल रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। मौलाना सईद अब्बास और मौलाना इंतिखाब आलम काजमी जैसे प्रमुख लोग इसमें शामिल रहे। रमजान के तीसरे जुमा पर शहरभर की मस्जिदों में अमन-शांति की दुआ मांगी गई। बांसमंडी स्थित मस्जिद में नायब शहरकाजी कारी सगीर आलम हबीबी ने हालात से निजात और शांति कायम होने की दुआ की।