
इसी दौरान तहसीलदार गाड़ी से आवास की ओर जा रहे थे। अनजाने में वह तहसीलदार की गाड़ी के सामने आ गए, नाराज होकर तहसीलदार ने मारपीट की। पीड़ित अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि तहसीलदार नशे में थे और बिना किसी कारण के पिटाई कर दी। घटना के बाद 28 फरवरी से तहसील बंद होने के कारण मामला तत्काल सामने नहीं आ सका। शुक्रवार को जब तहसील खुली और अधिवक्ताओं को घटना की जानकारी हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया।
इसके विरोध में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और अदालती काम काज का बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान सूर्यमणि यादव, गुलाब दुबे, बीएल यादव, सचिन कुमार यादव, इंद्रजीत गौतम, राकेश गौतम सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।