March 7, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

आजमगढ़ में तैनात रहे जेडी शेषनाथ पांडेय ने बर्खास्त शिक्षिका का जारी कर दिया था वेतन, जांच में हुई पुष्टि

Sheshnath Pandey dismissed for financial and administrative irregularities in Azamgarh
प्रदेश सरकार ने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं में आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आजमगढ़ जिले की भी एक शिक्षिका को प्रबंधक ने बर्खास्त कर दिया था। हाईकोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली थी। लेकिन, तत्कालीन रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने उसके वेतन और पेंशन का भुगतान कर दिया था। शासन की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला
मुबारकपुर की रहने वाली शगुफ्ता बानो की नियुक्ति 1982 में मदरसा बाबुल इल्म में हुई थी। वर्ष 1999-2000 में मुबारकपुर में शिया और सुन्नी का दंगा हुआ था। शगुफ्ता बानो ने खुद को धमकी मिलने का हवाला देते हुए विभाग से खुद को मदरसा बाबुल इल्म से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी। तब निदेशालय ने उन्हें जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसी बीच मदरसे के प्रबंधक ने वर्ष 2002 में इन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

प्रबंधक के बर्खास्त करने के बाद शगुफ्ता बानो हाईकोर्ट चली गई। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी पर स्टे दे दिया। लेकिन, मदरसे के प्रबंधक ने उन्हें ज्वाइन नहीं कराया। चार फरवरी 2020 को मेरिट के आधार पर हाईकोर्ट ने शगुफ्ता की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की गई थी, इसे हाईकोर्ट ने 16 जून 2020 को खारिज कर दिया था। इसके बाद भी इन्हें स्टे के आधार पर वेतन मिलता रहा।