March 7, 2026

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अकीदत और एहतराम के साथ अदा हुई जुमे की नमाज

Friday prayers were offered with devotion and respect.
फूलपुर। पाक रमजान माह के तीसरे जुमे की नमाज शुक्रवार को क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। नमाज के दौरान रोजेदारों और नमाजियों ने देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगीं। फूलपुर क्षेत्र की नई जामा मस्जिद, पुरानी जामा मस्जिद, न्यू कॉलोनी मस्जिद, बाबू खां मस्जिद, माहुल तिराहा, फूलपुर देहात, मुंडियार, मुंडवर तथा मदरसा दारुल अबरार मस्जिद सहित कई मस्जिदों में तीसरे जुमे पर नमाजियों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। नमाज से पहले उलेमा-ए-किराम ने अपने बयान में रमजान की फजीलत (महत्व) पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान रहमतों, बरकतों और आत्म-सुधार का महीना है। इस दौरान लोगों को जकात और फितरा देकर गरीब, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की भी नसीहत दी गई। फूलपुर तहसील क्षेत्र के चमावां स्थित शिया जामा मस्जिद में शिया धर्मगुरु मौलाना सैय्यद जायर इमाम ने जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज से पूर्व तकरीर में उन्होंने रमजान के पाक महीने की अहमियत बताते हुए कहा कि यह महीना इंसान को सब्र, इबादत और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है। इस दौरान उन्होंने अयातुल्लाह खामेनेई के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मौत केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए गम की बात है। मौलाना खामेनेई की शहादत मिल्लत का बड़ा नुकसान है और दुनिया भर में इंसानियत उनके लिए दुआ कर रही है।

रमजान में आत्मसंयम जरूरी: शकील फराज -मेजवां। शिया धर्मगुरु शकील फराज़ ने रमजान के पवित्र महीने में आत्मसंयम, भाईचारे और इबादत पर जोर दिया है। कहा कि रोज़ा सिर्फ भूखा रहना नहीं बल्कि झूठ और गलत कामों से बचकर आत्मशुद्धि करना है। रोजे का उद्देश्य केवल भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि ईमानदारी, सब्र और परोपकार की भावना को मजबूत करना है। इस पवित्र माह में झूठ, चुगली और गलत कामों से दूर रहने की सलाह दी गई है। रोजेदारों को अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए खान-पान में संयम बरतने की सलाह दी गई है। रमजान के महीने में हिंसा और हमलों को अफसोसजनक बताया है। यह इंसानियत के खिलाफ बताया है। संवाद

ईद की तैयारी : चिप्स, पापड़ की दुकानें सजीं, खरीदारी तेज-फूलपुर। रमजान के 15वें रोज़े पर शुक्रवार को बाजारों में काफी भीड़ रही। मौसम सही रहने के कारण महिलाएं भी बाजार में चिप्स,सेवई, पापड़ खरीदती दिखीं। ईद का पर्व जैसे नजदीक आ रहा है वैसे बाजारों में रौनक बढ़ रही है। ईद पर कपड़ा सिलकर देने से टेलरों ने हाथ खड़ा कर दिया है। ऐसे में लोग रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर दस्तक दे रहे हैं। रमजान माह का दूसरा अशरा चल रहा है। मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में अभी से सेवईं की खुशबू आनी शुरू हो गई है। ग्रामीण अंचलों से महिलाएं खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच जा रही हैं। ईद की तैयारी को लेकर खरीदारी कर रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों के साथ ही पूरे परिवार के लिए नए परिधान खरीदे जा रहे हैं। ताज कटरा में मशहूर टेलर मास्टर शोहरत हुसैन की मानें तो अब ईद पर कपड़ा सिलकर देने का मौका ही नहीं है। पहले से काम का बोझ इस कदर है कि चांद रात तक मौका नहीं मिलने वाला। बाराबंकी स्वीट हाउस के संचालक सेराज अहमद ने बताया कि रोजा इफ्तार से पूर्व लोगों की भीड़ उमड़ती है। जलेबी, खस्ता, समोसा, पापड़ आदि की बिक्री बढ़ गई है।