
टांडाकला। क्षेत्र के महुवरकला गांव के पास नहर की पुलिया के किनारे लगी ईंट की रेलिंग कई दिन पूर्व टूटकर गिर जाने से यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। टांडाकला से जूड़ा हरधन, बलुआ और चहनिया बाजार को जोड़ने वाले मार्ग पर बनी पुलिया से प्रतिदिन सवारी वाहनों के साथ क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग खरीदारी, पढ़ाई और अपने निजी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक आते-जाते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दिन में तो काम चल जाता है लेकिन रात में काफी दिक्कत होती है। संजय यादव, दिनेश यादव सहित कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र रेलिंग लगवाने और पुलिया के मरम्मत की मांग की है। इस संबंध में अवर अभियंता संजय यादव ने बताया कि एसआईआर कार्य चलने के कारण काफी व्यस्तता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही स्थल का निरीक्षण करवाकर रेलिंग का निर्माण कराया जाएगा।
जर्जर पुलिया से हो रही दिक्कत
कंदवा। क्षेत्र के कई मार्गों पर रेलिंग विहीन जर्जर पुलिया से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई पहल न होने से लोगों में काफी नाराजगी है।
सैयदराजा-नई बाजार से सकलडीहा मार्ग पर फेसुड़ा गांव के पास माइनर पर बनी पुलिया करीब तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इससे कई वाहन चालक नहर में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। वहीं नरायनपुर पंप कैनाल से निकली नहर पर घोसवा गांव के पास बनी पुलिया की रेलिंग और स्लैब पिछले 15 वर्षों से क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों लोग गिर कर घायल हो चुके हैं । यह पुलिया बरहनी और सकलडीहा ब्लाॅक को जोड़ती है। इससे दोनों ब्लाॅक के 25 से ज्यादा गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
इसी तरह भदखरी-तेल्हरा मार्ग पर खुरहट गांव के पास बरहनी रजवाहा पर बनी पुलिया की रेलिंग पिछले 15 वर्षों से राजवाहा में गिर गई है और स्लैब भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसी तरह भदखरी संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया भी जर्जर हो गई है। पुलिया की रेलिंग टूट कर माइनर में गिर गई है। सभी पुलिया दुर्घटना का कारण बनी हुई हैं। इसके बाद भी सिंचाई और पीडब्ल्यूडी विभाग की नजर इन क्षतिग्रस्त और रेलिंग विहीन पुलिया की ओर नहीं जा रही है।
घोसवा, फेसुड़ा और खुरहट पुलिया की मरम्मत के लिए टेंडर हो चुका है। इस समय फसलों की सिंचाई चल रही है। नहरों में पानी खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। हरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, चंद्रप्रभा प्रखंड।
