July 25, 2024

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Lucknow News: आलू की दूर होगी कमी, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

रायबरेली। जिले में आलू की आवक रिकार्ड स्तर पर कम हो गई है। पिछले तीन माह से लगातार आलू की कमी चल रही है, जिससे दाम भी आसमान की तरफ हैं। किसानों ने भी कोल्ड स्टोरेज से बहुत कम आलू की निकासी की है। करीब 34 हजार किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है। अभी तक 11 फीसदी ही आलू की निकासी हो सकी है। अब कोल्ड स्टोरेज में डंप आलू की निकासी का निर्देश शासन स्तर से आ गया है। इस पर जिला उद्यान अधिकारी ने गाइडलाइन जारी कर दी है।

जिले में 27 शीतगृह हैं, इसमें 1,76,884.06 मीट्रिक टन आलू का भंडारण है। अभी तक 19,457.25 मीट्रिक टन आलू की निकासी किसानों ने शीतगृहों से हुई है। यह महज 11 फीसदी है। जबकि नवंबर माह तक कोल्ड स्टोरेज को खाली करना होता है। सलोन में सबसे अधिक 18 शीतगृह हैं और यहां पर आलू बड़ी मात्रा में स्टोर है। जिले में इस समय आलू पर महंगाई का रंग चढ़ा है। 35 से 40 रुपये किलो आलू बिक रहा है।

भीषण गर्मी के कारण बाहर से मंडी में आलू आना कम हो गया। जिले में भोपाल, कन्नौज, फुरुर्खाबाद, मैनपुरी से आलू आता है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ आलू की आवक धड़ाम हो गई। इसका नतीजा यह रहा कि बाजार में आलू के दाम तेजी से बढ़ने लगे। जून में जब रिकार्ड गर्मी पड़ी तो मंडी में बाहर से आलू आया ही नहीं। ऐसे में मंडी में आढ़तियों ने जो स्टॉक रखा था, वही बाजार में बिकता रहा। इससे आलू के दाम में उछाल आया और मई व 15 जून तक इसके दाम 30 रुपये किलो पहुंच गए थे। उसके बाद दाम 35 से 40 रुपये किलो पर आ गए।

जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा ने जिले के किसानों से कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी करने को कहा है।

दाम और बढ़ने के इंतजार में नहीं निकाल रहे आलू
किसानों को मौजूदा समय में 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल आलू का दाम मिल रहा है। यह लागत से पचास फीसदी अधिक है। वहीं किसान बाजार में आलू के बढ़ते दाम पर नजर बनाए हुए हैं। उनको उम्मीद है कि आलू के दाम अभी और बढ़ेंगे। इसी कारण आलू की बड़ी कमी के बाद भी किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज से नहीं निकला है। शासन के निर्देश के बाद आलू की निकासी होगी। यदि नहीं होगी तो प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

मंडी में आलू की आवक 98 फीसदी घटी
मंडी में आलू की आवक 98 फीसदी तक घट गई है। पहली बार ऐसा हुआ है कि अप्रैल से जून तक बाहर से आलू बहुत कम आया। जुलाई में भी यही स्थिति बनी हुई है। मंडी में आलू न आने से खुदरा और फुटकर व्यापारी मुनाफे को तेजी से भुना रहे हैं। इन सभी के लिए आलू मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है।
वहीं, आलू की कमी के बीच आढ़ती भी सक्रिय हैं। वह बाजार पर नजर रखने के साथ पूर्व में किसानों से लिए गए आलू को स्टॉक में रखे हैं। साथ ही अंदरखाने किसानों से भी सेंटिंग का खेल हो रहा है। यही कारण है कि शासन ने कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी का निर्देश देकर कालाबाजारी को रोकने के लिए कदम उठाया है।

किसानों का कोल्ड स्टोरेज में आलू पड़ा हुआ है। उसकी निकासी नहीं की जा रही है। अभी तक केवल 11 फीसदी आलू की निकासी हुई है। किसान इस चक्कर में आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं कि दाम और अच्छे मिल सकते हैं। कोल्ड स्टोरेज का आलू आते ही बाजार में दाम गिर जाएंगे। छापा मारकर प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई होगी।
– जयराम वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी

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