गोरखपुर
उत्तराखंड सरकार में समूह ‘ग’ की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से साढ़े छह लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने गिरोह के सरगना सुधीर कुमार मिश्रा को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर उधमसिंहनगर के डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से प्रतीक्षा सूची और नियुक्ति पत्र जारी करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी सुधीर कुमार मिश्रा उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले के कीरतपुर का निवासी है। पुलिस पूछताछ में उसके साथी अर्जुन छाबड़ा, चंद्रपाल सिंह, इमरान हुसैन, सादाब नाज, राधारानी, फैज राज खान और हरिश प्रजापति के नाम सामने आए हैं। इनकी तलाश जारी है।
पीड़ित अभिषेक तिवारी ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2024 में वह अपने पिता विनोद कुमार तिवारी के साथ उधमसिंहनगर के कीरतपुर में एक विवाह समारोह में गए थे। वहां पिता की पुरानी पहचान सुधीर से हुई। सुधीर ने खुद को उत्तराखंड सरकार में प्रभावशाली व्यक्ति बताकर अभिषेक को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया।
भरोसे में लेकर सुधीर ने मेडिकल, फॉर्म भरने और नियुक्ति प्रक्रिया के बहाने अलग-अलग खातों में पैसे मंगवाए। व्हाट्सएप पर उधमसिंहनगर डीएम के फर्जी हस्ताक्षर वाला प्रतीक्षा सूची पत्र भेजा। बाद में नियुक्ति पत्र भी भेज दिया, जिससे परिवार को नौकरी पक्की लगी।
गिरोह की एक महिला सदस्य ने खुद को डीएम ऑफिस की बाबू बताकर फोन पर शेष रकम मांगी। कुल मिलाकर अभिषेक और उसके पिता ने करीब 6.5 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब जॉइनिंग नहीं हुई तो पिता खुद उधमसिंहनगर डीएम ऑफिस पहुंचे। वहां जांच से सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
इसके बाद शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा है। सरगना की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ जल्द होगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर आने वाले किसी भी प्रस्ताव की आधिकारिक वेबसाइट या विभाग से पुष्टि करें। फर्जी दस्तावेजों पर भरोसा न करें।

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